रांची: रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में करमा पर्व के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई लोग शामिल हुए। आयोजन में करमा पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
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कार्यक्रम के दौरान झारखंड की नौ प्रमुख भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इससे राज्य की भाषाई विविधता और समृद्ध लोक विरासत की झलक देखने को मिली। करम डाली की पूजा, जावा फूल लगाने की परंपरा, करम गीत और पारंपरिक लोकनृत्य कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
रांची विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध अखड़ा में मांदर की थाप और करम गीतों के बीच छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान डीएसपीएमयू समेत जिले के विभिन्न संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में भी करमा पर्व की पारंपरिक झलक देखने को मिली।
करमा पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के प्रेम और सामुदायिक एकजुटता का संदेश दिया गया। आयोजन ने धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं और लोक संस्कृति के संरक्षण को भी मंच प्रदान किया।


