बिहार: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक मोबाईल नंबर से खुद को और उनकी पार्टी से जुड़े अन्य लोगों को धमकी और ब्लैकमेलिंग के मामले पर बिहार सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है।
राष्ट्रीय जनता दल संस्थापक लालू प्रसाद यादव कर बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इस मामले में किसी तरह की कोई कारवाई नहीं की गई है। तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मेदाई प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोबाईल नंबर 7520322647 से उन्हें और उनके साथ जुड़े कई लोगों को कथित तौर से धमकाया और ब्लैक्मैल किया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल में काम करने वाले लोगों लो निशाना बनाए जाने की भी शिकायत सामने आई है।
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इसके संबंध में तेज प्रताप यादव ये भी कहा कि पुरुष हो या महिला किसी को भी धमकाना, ब्लैक्मैल और किसी का वीडियो गलत तरीके से प्रसारित कर उसे डराने का प्रयास करना बेहद गलत और गंभीर मामला है।
उन्होनें ये भी कहा कि वे खुद इस नंबर को लेकर पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुके हैं और संबंधित लोगों के खिलाफ कारवाई की मांग भी कर चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद अब तक इस मामले में प्रभावी कारवाई नहीं हुई है।
उन्होंने पूछा कि आखिर इस नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा है और अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जब लगातार शिकायतें मिल रही हैं, तो जांच एजेंसियां अब तक उस व्यक्ति का पता क्यों नहीं लगा पा रही है?
तेज प्रताप यादव के अनुसार, शुरुआत में यह मामला सिर्फ उन्ही तक सीमित था। लेकिन 11 सितंबर 2026 को अपनी अगली सोशल मीडिया पोस्ट कए जरिए उन्होंने दावा किया कि अब इसी नंबर से उनकी पार्टी जंसहकती जनता दल के सक्रिये कार्यकर्ताओं को भी निशान बनाया है। उन्होंने ने यह भी कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार उनके संज्ञान में आ रही हैं। और जिसका इरादा पार्टी से जुड़े लोगों पर दबाव बनाना और उन्हें डराकर पीछे हटाना हो सकता है।
उन्होंने संबंधित प्रशासन और जांच एजेंसियों से अपील करते हुए कहा कि वे उस नंबर से जुड़े कॉल रिकॉर्ड, संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत तरीके से तत्काल जांच करें। जांच के जरिए इस नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता और उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही, जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
तेज प्रताप ने कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी कार्यकर्ता, सहयोगी, महिला या पुरुष को डराने की कोशिश की गई, तो वह उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि यह मामला अब सिर्फ उन्हें मिली धमकी तक सीमित नहीं है। उनकी पार्टी से जुड़े लोगों को भी धमकाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, सच्चाई सामने लानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


