हरियाणा : हरियाणा सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आईपीएस अधिकारी ओम प्रकाश सिंह (ओपी सिंह) को राज्य का कार्यकारी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया। यह फैसला राज्य के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद लिया गया है। शत्रुजीत कपूर का नाम आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में आरोपी के रूप में दर्ज होने के बाद सरकार पर विपक्ष और मृत अधिकारी के परिवार की ओर से लगातार दबाव बढ़ रहा था। इसी के बाद सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेजने और नए कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति का निर्णय लिया।
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ओपी सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी
ओपी सिंह वर्तमान में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में एमडी के पद पर कार्यरत थे। लंबे समय से वे प्रशासनिक और पुलिस सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। ओपी सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वे दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीति से जुड़ी है। उनके साले नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव लड़ चुके हैं जबकि उनकी साली दिव्या गौतम भाकपा माले की प्रत्याशी रह चुकी हैं। ओपी सिंह को कार्यकारी डीजीपी बनाए जाने के बाद अब राज्य में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। वे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस सुधार और चल रही संवेदनशील जांचों की निगरानी करेंगे।
पूरन कुमार केस
आईजी स्तर के अधिकारी वाई पूरन कुमार की मौत का मामला हरियाणा पुलिस में पिछले हफ्तों से सुर्खियों में है। पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में शत्रुजीत कपूर सहित 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें जातीय भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार के आरोप शामिल हैं। पूरन कुमार का कहना था कि उन्हें लंबे समय से विभाग में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी कारण उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया।
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एफआईआर में कई सीनियर अफसरों के नाम
पूरन कुमार की मौत के बाद उनके परिवार ने पूरे मामले की जांच की मांग की थी। परिजनों की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस मामले ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल मचा दी बल्कि राज्य सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को विधानसभा और मीडिया में जोर-शोर से उठाया और सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया।
सरकार पर बढ़ा विपक्ष और परिवार का दबाव
पूरन कुमार के परिवार ने साफ कहा था कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वे शांत नहीं बैठेंगे। विपक्षी दलों ने भी इस मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद हरियाणा सरकार ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया। साथ ही विभागीय कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए नए कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति की गई।
राज्यपाल कार्यालय से जारी हुआ आदेश
हरियाणा के राज्यपाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शत्रुजीत कपूर के अवकाश पर जाने के कारण विभागीय कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे, इसके लिए ओम प्रकाश सिंह को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त किया जाता है।यह कदम सरकार के लिए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अब इस मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई पर भी विचार कर रही है।
आगे क्या?
ओपी सिंह की नियुक्ति को एक तात्कालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। विपक्ष जहां इसे न्याय की दिशा में पहला कदम मान रहा है, वहीं कई पुलिस अधिकारी इसे विभाग की साख बचाने की कोशिश भी बता रहे हैं। पूरन कुमार केस की जांच जारी है। सरकार पर न केवल पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव है, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी है। ओपी सिंह की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब हरियाणा पुलिस विभाग एक बड़े संकट और विवाद के बीच से गुजर रहा है। इस मामले ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जातीय भेदभाव और उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर किया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए कार्यकारी डीजीपी की अगुवाई में हरियाणा पुलिस इस संकट से कैसे निपटती है।


