JPSC-JSSC Exam: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही CID को कई अहम सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। CID ने आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की जांच कर कई जानकारियों का मिलान किया है। इन सबूतों से एक बड़े गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। यह गिरोह छोटे-छोटे समूहों में काम करता था। इसके सदस्य परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और पैसे लेकर उन्हें परीक्षा में सफल कराने का वादा करते थे।
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नेपाल तक फैला था गिरोह का नेटवर्क
JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID ने कोर्ट को बताया कि झारखंड के बोकारो स्थित दुग्धा के अलावा पटना, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और नेपाल में भी अभ्यर्थियों को परीक्षा के उत्तर याद कराए गए थे। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मुन्ना सिंह ने स्वीकार किया कि उसने जनवरी 2026 में अभ्यर्थियों से अपने बैंक खाते में पांच लाख रुपये लिए थे। शुरुआत में उसने CID को बताया था कि यह रकम उसके पिता के इलाज के लिए ली गई थी। लेकिन जांच में पता चला कि मुन्ना सिंह ने परीक्षा से पहले कोलकाता के एक होटल में अभ्यर्थियों को उत्तर याद कराए थे।
इस काम में अमित सिंह, कुंदन कुमार और अमित लकड़ा भी उसके साथ थे। CID को इन आरोपियों के बैंक खातों की जांच में पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मिले हैं। इसके अलावा, CID ने संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में अभ्यर्थियों से पैसे लेने-देने की जानकारी सामने आई।
JPSC मामले की याचिकाओं को जोड़ने की मांग खारिज
झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग से जुड़ी याचिकाओं को अपील याचिका के साथ जोड़ने की मांग खारिज कर दी है। सोमवार को चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस अरुण कुमार राय की पीठ ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
सुनवाई के दौरान अयूब तिर्की की ओर से अधिवक्ता सुभाषिष रसिक सोरेन ने याचिकाओं को अपील के साथ जोड़ने की मांग की। वहीं, सफल अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि एकल पीठ में मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है। ऐसे में याचिकाओं को दूसरी पीठ में भेजने से याचिकाकर्ताओं के कानूनी अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार, याचिकाकर्ताओं को अपील का अधिकार प्राप्त है।
दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में अदालत ने दो आरोपियों मिथिलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों ने 5 अक्टूबर को जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
CID ने मिथिलेश कुमार पांडेय को 3 अक्टूबर और मनु कुमार सिंह को 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। दोनों पर अपने संपर्कों के जरिए कई अभ्यर्थियों की परीक्षा में सेटिंग कराने का आरोप है। जांच के अनुसार, आरोपियों ने धनबाद और बोकारो में अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्न और उत्तर याद कराने में मदद की थी। मामले की जांच जारी है।

