बिहार : बिहार में चुनावी माहौल के बीच समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शनिवार को शीतलपट्टी गांव के पास कचरे के ढेर में हजारों VVPAT पर्चियां पड़ी मिलीं। यह वही क्षेत्र है, जहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी विजय चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं।
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वीवीपैट पर्चियां मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने सभी पर्चियों को जब्त कर लिया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि जांच में यह पाया गया कि कचरे के ढेर में बड़ी संख्या में श्रेडेड (कटी हुई) पर्चियां थीं, लेकिन उनमें कुछ अनश्रेडेड (पूरी) पर्चियां भी मिली हैं, जिन्हें सील कर जांच के लिए भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह घटना कमीशनिंग/डिस्पैच सेंटर के पास हुई है, जहां चुनाव से पहले मशीनों की जांच के दौरान मॉक पोल (1000 वोट डालकर) किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह पूरा तकनीकी मामला है, और जांच के बाद स्पष्ट किया जाएगा कि ये पर्चियां किस समय और प्रक्रिया में निकलीं।
विपक्ष ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
वीवीपैट पर्चियां मिलने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में भारी संख्या में वीवीपैट पर्चियां सड़क पर फेंकी मिली हैं। कब, कैसे, और किसके इशारे पर यह सब हुआ? क्या चुनाव आयोग जवाब देगा? राजद ने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है और भाजपा–एनडीए सरकार के इशारे पर गड़बड़ी की जा रही है।
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प्रशासन की सफाई
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि जिन कर्मचारियों से लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की और कहा कि यह पूरा मामला तकनीकी जांच के बाद साफ हो जाएगा। बिहार चुनाव के बीच वीवीपैट पर्चियां मिलने की यह घटना राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है। एक तरफ विपक्ष इसे चुनावी धांधली बता रहा है, वहीं प्रशासन इसे तकनीकी लापरवाही मान रहा है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


