डेस्क: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून ने 93 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला अफसर को पास आउट किया. 23 साल की लेफ्टिनेंट सई जाधव ने ये गौरव हासिल किया. 1932 में स्थापित IMA से अब तक 67 हजार से ज्यादा अफसर पास आउट हो चुके हैं, लेकिन कोई महिला नहीं. सई ने ये दीवार तोड़ी और भारतीय सेना के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. सई के पिता मेजर संदीप जाधव 164 इन्फैंट्री बटालियन (TA) – होम एंड हार्थ बटालियन – में नागालैंड में तैनात हैं. सई को भारतीय टेरिटोरियल आर्मी (TA) में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला है.
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सेना में शामिल होने वाली परिवार की पहली महिला
सई जाधव IMA से पास आउट होकर TA में शामिल होने वाली पहली महिला अफसर भी हैं. सई का कहना है कि मेरे पिता की पीढ़ी में सिर्फ वो यूनिफॉर्म में थे, लेकिन उससे पहले मेरे दादाजी और परदादाजी ने सेना में सेवा की. मैं ये परंपरा आगे बढ़ाना चाहती थी. ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद मैंने तैयारी शुरू की और हर कदम पर पिता ने गाइड किया. सई का सैन्य वंश चार पीढ़ियों पुराना है. उनके परदादा सूबेदार शंकरराव जाधव ब्रिटिश आर्मी में थे. पिता के मामा अनिल घाटगे वायुसेना में थे. मेजर संदीप जाधव TA में करीब 15 साल से सेवा दे रहे हैं और पहले बिहार रेजिमेंट, मद्रास रेजिमेंट व ग्रेनेडियर्स में रहे.
बचपन का सपना हुआ पूरा
मेजर जाधव ने कहा कि सई बचपन से कहती थी कि बड़ी होकर आर्मी जॉइन करेगी. घर का माहौल ही सेवा का था, इससे उसका मन बना. सई ने जयसिंगपुर (कोल्हापुर) से स्कूलिंग की, कोयंबटूर से 10वीं पास की और कोल्हापुर से ग्रेजुएशन. फिलहाल वो सिम्बायोसिस से डिस्टेंस MBA कर रही हैं. 2023 में ग्रेजुएशन के बाद तैयारी शुरू की. अक्टूबर 2024 में SSB क्लियर किया और ऑल इंडिया वुमन ऑफिसर एंट्री में मेरिट लिस्ट में टॉप किया. IMA की पासिंग आउट परेड में सई का कमीशन होना भारतीय सेना में महिलाओं के लिए नया अध्याय है.


