रांची: झारखंड के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री देमंत सोरेन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितेश रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। विधि विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। रोहितेश रॉय लंबे समय से कानूनी क्षेत्र सें सक्रिय हैं और उन्हें न्यायिक मामलों का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
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कानूनी परिवार से रखते हैं संबंध
रोहितेश रॉय का संबंध राज्य के एक प्रतिष्ठित कानूनी परिवार से है। वे रांची सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे बीएन रॉय उर्फ बीर बाबू के पुत्र हैं। उनके पिता भी कानून के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखते थे। ऐसे में रोहितेश रॉय की नियुक्ति को कानूनी अनुभव और पारिवारिक विरासत का संगम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रोहितेश रॉय के संबंध राज्य के पूर्व महाधिवक्ता आरएस मजूमदार के साथ भी काफी अच्छे बताए जाते हैं। कानूनी मामलों में उनकी समझ और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय को उनकी नियुक्ति का एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
कई नाम थे चर्चा में
राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम सामने आ रहे थे। इनमें सुमित गड़ोदिया, राजेंद्र कृष्णा, सचिन सुमन सहित अन्य प्रमुख अधिवक्ताओं के नाम चर्चा में थे। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिया और रोहितेश रॉय को इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
महाधिवक्ता किसी भी राज्य सरकार का सर्वोच्च कानूनी सलाहकार होता है। राज्य सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष रखने और कानूनी सलाह देने की जिम्मेदारी महाधिवक्ता की होती है। ऐसे में रोहितेश रॉय की नियुक्ति को झारखंड सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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