रांची: जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों के आंदोलन का आज 19वां दिन है. बीते 10 अगस्त सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों के विधानसभा घेराव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा में छात्रों संग हुई कई दौर की वार्ता में कई मुद्दों बनी सहमति को अमल में लाने की घोषणा के बाद भी छात्र अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत हैं.
Highlights:
देर रात पहुंचे डीसी-एसएसपी

इस बीच मंगलवार देर रात रांची के डीसी, एसएसपी समेत बड़ी संख्या में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे और काफी देर तक छात्रों के साथ बातचीत. इस दौरान यह अफवाह भी फैल गई कि अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ जबरन धरनास्थल को खाली कराने पहुंचे हैं, हालांकि बातचीत के बाद अधिकारी वापस लौट गए.
छात्रों के आंदोलन के दौरान यह पहला मौका था जब डीसी व एसएसपी एक साथ धरनास्थल पर पहुंचे थे. इससे पहले एसडीओ व एडीएम छात्रों संग बातचीत को लेकर कई बार आ चुके हैं.
अफवाहों को किया खारिज़

देर रात अधिकारियों के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने व आंदोलनकारियों को हिरासत में लिए जाने या फिर जबरन धरनास्थल खाली कराने की अफवाहों को रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने खारिज किया है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने के लिए प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचे थे.
उन्होंने कहा कि पुलिस टीम छात्रों से बात करने और पहले हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि करने के लिए वहां गई थी. एसपी राणा ने कहा, “किसी को हिरासत में लेने के लिए कोई नहीं आया था. दरअसल, कुछ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर यहां वीडियो बनाकर उसे वायरल करने के लिए पहुंचे हैं. प्रशासन के यहां पहुंचने के बाद उन्हें इसे लेकर अफवाह फैलाने का मौका मिल गया. यह कहा जा रहा है कि हम लोगों को हिरासत में लेने आए हैं, लेकिन ऐसा नहीं है.”
छात्र नेता ने ये कहा

वहीं छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि देर रात वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने धरनास्थल पर अनशन पर बैठे चार में से दो छात्रों को इसे खत्म करने की अपील की. इससे पहले एक छात्रा की तबीयत मंगलवार शाम खराब होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बाबूलाल मरांडी पहुंचे धरनास्थल
इससे पहले झारखंड विधानसभा में नेता विपक्ष बाबूलाल मरांडी भी छात्रों से मिलने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा, “आज सुबह मुझे पता चला कि कल देर रात करीब 1:30-2 बजे पुलिस यहां आई थी. सिटी एसपी, एसएसपी और डीसी यहां आए थे और उन्होंने छात्रों को हटाने के लिए बल का भी इस्तेमाल किया और आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश की. वे कह रहे थे कि जेपीएससी का काम तो हो गया है, तो अब आप लोगों को क्या चाहिए? लेकिन असल में, जेपीएससी का काम तो हुआ ही नहीं है. वो कह रहे हैं कि हमने परीक्षा रद्द कर दी है, लेकिन परीक्षा रद्द करना कोई समाधान नहीं है; समाधान तो यह है कि जांच की जाए कि परीक्षा क्यों रद्द की गई और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए.”
छात्रों की मौन पदयात्रा

यह घटनाक्रम तब हुआ जब कुछ घंटों पहले ही विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस की ओर से कथिच लाठीचार्ज के खिलाफ मंगलवार शाम को छात्रों ने मौन पदयात्रा भी निकाली. यह मौन पदयात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर से निकल कर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा. पदयात्रा के दौरान छात्रों ने अपने मुंह पर पट्टी भी लगा रखी थी. इस दौरान उनके हाथों में दिशोम गुरू शिबू सोरेन की तस्वीरों के अलावा कई बैनर तख्तियां भी थी, जिसमें अलग अलग मांगें लिखी हुई थी.


