नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर राज्यों की तैयारियों पर चर्चा करेंगे कि कैसे युद्ध के संभावित दुष्प्रभावों से आमजन को सुरक्षित रखा जाए। जिन पांच राज्यों में चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू है, वहां की तैयारियों को लेकर कैबिनेट सचिव अलग से एक बैठक वहां के मुख्य सचिवों के साथ आयोजित करेंगे।
इधर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक कारोबार और आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक असर ऊर्जा, पेट्रो पदार्थ और खाद आदि की आपूर्ति पर पड़ा है। कई राज्यों से पेट्रोल पंपों पर भीड़, गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, जनता के बीच अफरातफरी जैसी खबरें सामने आ रही हैं।
इन परिस्थितियों से निपटने में राज्यों की क्या तैयारी होनी चाहिए और अभी क्या तैयारी है, इस पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया है कि ईंधन, ऊर्जा, खाद या अन्य आवश्यक वस्तुओं का भारत के पास पर्याप्त भंडारण है। जनता को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्य सरकारों से केंद्र सरकार के साथ मिलकर “टीम इंडिया” के रूप में काम करने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा से वक्तव्य देते हुए दो टूक कहा था कि युद्ध लंबा खिंचा तो इसके दुष्प्रभाव पड़ना तय है। उन्होंने राज्यों से विशेष तौर पर आग्रह किया था कि चूंकि आपदा के समय जमाखोर और कालाबाजारी करने वाले तत्व सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए सरकारों को इन पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई करनी होगी।

