बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी को मिली बड़ी हार के बाद प्रशांत किशोर (PK) ने मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने अपनी बात रखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि उन्होंने प्रचार के दौरान कहा था अगर JDU 25 से ज्यादा सीटें जीतेगी तो राजनीति छोड़ दूंगा तो अब क्या वे राजनीति छोड़ रहे हैं? इस पर PK का जवाब था मैं किसी पद पर नहीं हूं जिसे छोड़ दूं। मेरी बातों को इतना मत पकड़ा कीजिए। इस जवाब के बाद वे पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ नाराज़ और उखड़े हुए नजर आए।
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PK ने माना कि जनसुराज जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रही। उन्होंने कहा, “हम व्यवस्था परिवर्तन तो दूर, सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा पाए। हमारी सोच और प्रयासों में जरूर कोई कमी रही होगी, तभी जनता ने हम पर विश्वास नहीं किया।” उन्होंने हार की पूरी जिम्मेदारी खुद ली और घोषणा की कि 20 नवंबर को गांधी भीतिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखकर इसका प्रायश्चित करेंगे। PK ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की राजनीति नहीं की। हमने कोई गुनाह नहीं किया है। कुछ गलतियां हुई होंगी, लेकिन हमने जातियों का जहर नहीं फैलाया, हिंदू-मुस्लिम में नहीं बांटा। जो ऐसा करके जीते हैं, उन्हें हिसाब देना होगा।
मैं बिहार नहीं छोड़ूंगा, तीन गुना मेहनत करूंगा
चुनाव हारने के बाद PK के बिहार छोड़ने की चर्चाओं पर उन्होंने साफ कहा, मैं बिहार छोड़ दूंगा, यह आपका भ्रम है। मैं और जनसुराज बिहार सुधारने की जिद के साथ आगे बढ़ेंगे। तीन साल से दोगुनी मेहनत करेंगे, जब तक संकल्प पूरा न हो जाए, पीछे नहीं हटेंगे।
PK ने दावा किया कि इस चुनाव में पहली बार सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर पैसे का वादा किया, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, “40,000 करोड़ रुपए खर्च के वादे किए गए। 62,000 लोगों को 10,000 रुपए बांटे गए। आंगनबाड़ी सेविका, आशा वर्कर, ममता वर्कर को 10,000 करोड़ रुपए दिए गए। 1.5 करोड़ महिलाओं को 2 लाख रुपए स्वरोजगार के लिए देने का वादा किया गया।
PK ने चुनौती दी अगर महिलाओं को 2-2 लाख रुपए दिए गए, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। नहीं दिए तो साबित हो जाएगा कि 10,000 रुपए देकर वोट खरीदा गया। PK ने कहा, “मैं राजनीति से संन्यास की बात पर कायम हूं। अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती तो यह वोट खरीदने का मामला साबित होगा।”
जनसुराज के दावे और चुनावी प्रदर्शन में बड़ा अंतर
PK की जनसुराज पार्टी ने 1 करोड़ सदस्यों का दावा किया था, लेकिन चुनाव में परिणाम इसके बिल्कुल उलट रहे। 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, 233 उम्मीदवारों की जमानत जब्त (98%), पूरे बिहार में 2% से भी कम वोट, सिर्फ एक सीट मढ़ौरा पर दूसरे स्थान पर, वह भी तब जब NDA प्रत्याशी का नामांकन रद्द हुआ, इसके मुकाबले AIMIM ने 28 सीटों पर चुनाव लड़कर 5 सीटें जीतीं और 1.9% वोट पाए। BSP ने 181 सीटों पर लड़कर एक सीट जीती और 1.6% वोट।
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अपने जिले में भी नहीं कर पाए बेहतर प्रदर्शन
प्रशांत किशोर रोहतास जिले के रहने वाले हैं, जहाँ 7 विधानसभा सीटें हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि अपने जिला की किसी भी सीट पर जनसुराज अपनी जमानत नहीं बचा पाई। उनकी खुद की विधानसभा करगहर में पार्टी को सिर्फ 7.42% वोट मिले। प्रशांत किशोर की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ दिखा कि वह हार से आहत जरूर हैं, लेकिन पीछे हटने को तैयार नहीं। उन्होंने हार की जिम्मेदारी ली, उपवास का एलान किया और 3 गुना मेहनत से दोबारा राजनीतिक लड़ाई लड़ने की घोषणा की।


