न्यूज डेस्क: नेपाल में बुधवार को आए भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. हादसे में अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. घटना के 24 घंटे के बाद भी आपदा प्रभावित इलाक़े तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक़, सैकड़ों पर्यटक अब भी लापता हैं.
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नेपाल के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि भारत के भी क़रीब 300 लोग लापता हैं. जबकि अब तक ये जानकारी सामने आ रही थी कि 130 के आसपास भारतीय लापता हैं. इसके अलावा अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और ब्रिटेन के 33 नागरिक भी लापता हैं. आपदा के बाद कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ और भारत ने सहायता का एलान किया है या राहत सामग्री भेजी है.
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तमिलनाडु व बंगाल के पर्यटक लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 300 से अधिक भारतीय के लापता होने की बात कही जा रहा है. इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री शामिल हैं. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने हेल्पलाइन शुरू की हैं.
सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के मुताबिक, लापता भारतीयों में कम से कम 59 कैलाश मानसरोवर यात्री हैं. तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों के अनुसार, राज्य से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. वहीं कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन ने भी दावा किया है कि उसके 80 सदस्य नेपाल के एक इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे और बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. इधर कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी बाढ़ के बाद लापता लोगों में शामिल है. दल में 30 यात्री और दो टूर मैनेजर हैं.
अमेरिका, ब्रिटेन, चीन ने ये कहा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश में अचानक आई बाढ़ में हुई जनहानि पर कहा है कि उनका दिल बहुत भारी है. वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और तलाशी अभियान को पूरी ताक़त से चलाने की अपील की. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार “नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि ब्रिटिश सरकार नेपाल में मौजूद ब्रिटिश नागरिकों की मदद के लिए “हर संभव कोशिश” करेगी. अमेरकी सरकार ने भी नेपाल को पांच लाख डॉलर की सहायता देने का एलान किया है.

