नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िले पर आयोजित आधिकारिक समारोह में इस बार 80 साल की परंपरा में पहली बार बदलाव देखने को मिला. जब राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गान हुआ. पीएम मोदी ने लाल क़िले से अपने संबोधन में कहा, ”आज़ादी के बाद यह पहली बार है, जब लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ बजाया गया है.”
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नए प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल क़िले पहुँचने पर सबसे पहले राष्ट्रीय गीत बजाया गया. इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और उस दौरान राष्ट्रगान बजाया गया. बता दें कि हाल ही में पिछले महीने संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को राष्ट्रगान के समान क़ानूनी संरक्षण दिया गया है. इससे 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और उसके समापन पर भी ‘वंदे मातरम’ बजाया गया था.

यह इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रगान को संवैधानिक दर्जा हासिल है और आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत इसे गणतंत्र का सर्वोच्च संगीतमय प्रतीक माना जाता है. इससे पहले राष्ट्रगान को सरकारी और राजकीय समारोहों में बजाया जाता था, जबकि राष्ट्रीय गीत मुख्य रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित था. स्वतंत्रता दिवस समारोह की ज़िम्मेदारी संभालने वाले रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की थी कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए पहली बार इसे विशेष सम्मान दिया जाएगा.

