इंदौर: 17 जनवरी को राहुल गांधी इंदौर दौरे पर रहेंगे। इसी दौरान दूषित पानी से प्रभावित परिवारों से बॉम्बे अस्पताल और भागीरथपुरा में मुलाकात कर हालात का जायजा लेंगे। इस दिन कांग्रेस मनरेगा के नाम परिवर्तन और दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर प्रदेशभर में उपवास व धरना प्रदर्शन करेगी। हालांकि, इस दौरान इंदौर में कांग्रेस नेताओं और नगरीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक को प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई है।
कांग्रेस ने प्रदेशभर के पार्षदों, महापौरों, नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ राहुल गांधी की बैठक के लिए अभय प्रशाल और आनंद मोहन माथुर सभागार में कार्यक्रम प्रस्तावित किया था। इसके लिए करीब एक हजार लोगों की मौजूदगी की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने बैठक को मंजूरी नहीं दी।कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण बैठक को रद्द करना पड़ा है। अब राहुल गांधी का इंदौर दौरा सीमित कार्यक्रम तक ही रहेगा। राहुल गांधी इंदौर पहुंचने के बाद पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां वे दूषित पानी से बीमार हुए मरीजों और उनके परिजन से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचकर उन परिवारों से मिलेंगे, जिनके परिजनों की दूषित जल के कारण मौत हुई है। राहुल गांधी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है।
17 से 31 जनवरी 2026 तक मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन मनरेगा में बदलाव कर कानूनी अधिकारों की बहाली, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और प्रदेश में बिगड़ती जल गुणवत्ता के विरोध में किया जाएगा। आंदोलन का पहला चरण 17 जनवरी को होगा। इस दिन शहरी जिला कांग्रेस कमेटियां भागीरथपुरा की घटना और जल गुणवत्ता के मुद्दे पर जिला स्तर पर एक दिवसीय उपवास रखेंगी। यह उपवास सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। ग्रामीण जिलों में भी मनरेगा और जल गुणवत्ता को लेकर उपवास आयोजित किए जाएंगे। दूसरा चरण 18 से 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें जनजागरूकता अभियान, जल गुणवत्ता से जुड़े तथ्य और साक्ष्य जुटाने, दूषित जल स्रोतों, सीवेज लाइनों और औद्योगिक अपशिष्ट क्षेत्रों के आसपास पानी की जांच जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

