रांची : मां… यह सिर्फ एक रिश्ता नहीं, जिंदगी का वह साया है, जिसके सामने दुनिया की हर पहचान छोटी पड़ जाती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की अंतिम विदाई के दौरान सामने आया एक दृश्य इसी रिश्ते की गहराई को बयां कर गया।
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रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर के पास हेमंत सोरेन खामोश बैठे नजर आए। आसपास लोगों की भीड़ थी, लेकिन उस भीड़ के बीच एक बेटे का दर्द बिल्कुल अकेला दिखाई दे रहा था। चेहरे पर गहरी उदासी, आंखों में मां को खोने का दर्द और चारों ओर पसरा सन्नाटा… मानो उस पल वक्त भी ठहर गया हो।
उस क्षण न मुख्यमंत्री का पद दिखाई दे रहा था, न सियासत की हलचल। सामने सिर्फ मां थीं और मां को खो चुका एक बेटा। जिस मां की गोद में कभी हेमंत सोरेन ने बचपन में सुकून पाया होगा, आज उसी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठकर उन्हें अंतिम विदाई देनी पड़ रही थी। यह दृश्य जितना शांत था, उतना ही भीतर तक झकझोर देने वाला भी। रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ पूरे झारखंड में शोक की लहर है। अंतिम विदाई के दौरान का यह मार्मिक दृश्य हर उस इंसान को भावुक कर गया, जिसने मां को अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा माना है।
पार्थिव शरीर पहुंचा नेमरा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर नेमरा पहुंच गया है। पार्थिव शरीर के नेमरा पहुंचते ही गांव और आसपास का माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए परिजन, समर्थक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटने लगे हैं। रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार की तैयारियां नेमरा में पूरी कर ली गई हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


