News Desk: अगर आपके घर में भी कोई लंबे समय तक मोबाइल पर गेम खेलता है, तो मुजफ्फरनगर से आई यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए. Mobile Gaming Heart Attack से जुड़ा यह मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है, जहां 17 साल के एक छात्र की मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते अचानक तबीयत बिगड़ गई. देखते ही देखते वह जमीन पर गिर पड़ा. घरवाले उसे बिना देर किए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों का कहना है कि यह हार्ट अटैक का मामला हो सकता है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में लोग हैरान हैं और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
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Mobile Gaming Heart Attack: घर में गेम खेल रहा था, तभी अचानक गिर पड़ा
यह मामला मुजफ्फरनगर के पुरकाजी कस्बे के मोहल्ला नूर नगरियान का है. Mobile Gaming Heart Attack से जुड़ी इस घटना में सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे कक्षा 11 में पढ़ने वाला छात्र उत्तम अपने घर में मोबाइल पर गेम खेल रहा था. उस समय परिवार के दूसरे लोग भी घर में ही थे और सब कुछ बिल्कुल सामान्य चल रहा था. इसी बीच गेम खेलते-खेलते छात्र अचानक जमीन पर गिर पड़ा. पहले तो घरवालों को लगा कि शायद उसे चक्कर आया होगा, लेकिन जब वह काफी देर तक नहीं उठा तो सभी घबरा गए.
परिवार के लोग बिना देर किए उसे पुरकाजी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. Mobile Gaming Heart Attack के इस मामले ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया. यह खबर फैलते ही आसपास के लोग भी छात्र के घर पहुंचने लगे और पूरे मोहल्ले में इस घटना की चर्चा होने लगी.
घरवालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया, पुलिस ने पूरी की कार्रवाई
छात्र की मौत की खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू की और परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली. एसओ डॉ. मानवेंद्र भाटी ने बताया कि घरवालों का कहना था कि छात्र की मौत हार्ट फेल होने की वजह से हुई है. उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराने का फैसला लिया. इसके बाद पुलिस ने जरूरी कार्रवाई पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया. बाद में परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया. पूरे इलाके में इस घटना के बाद दुख का माहौल है.
Mobile Gaming Heart Attack: पहले भी सामने आईं ऐसी घटनाएं
Mobile Gaming Heart Attack का यह मामला सामने आने के बाद मुजफ्फरनगर के पुराने मामले भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. हालांकि पहले सामने आए मामलों का मोबाइल गेम से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से हुई मौतों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है. 31 अक्टूबर को रतनपुरी थाना क्षेत्र के रायपुर नगली गांव के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 4 का छात्र दौड़ते समय अचानक गिर पड़ा था. उसे पहले सरकारी अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके.
इसी तरह मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर एक ट्रक चालक ढाबे पर नाश्ता कर रहा था. उसी समय वह मोबाइल पर बात करने लगा और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी भी मौत हो गई. कुछ दिन पहले समाजसेवी अरविंद गुप्ता अपने घर पर मोबाइल देख रहे थे. तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिवार उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.
इसके अलावा पिछले साल जानसठ रोड पर बॉक्स क्रिकेट मैच खेल रहे एक युवक की भी अचानक तबीयत खराब हो गई थी. साथी उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर उसे नहीं बचा सके. Mobile Gaming Heart Attack की इस खबर के बाद इन पुराने मामलों की भी फिर से चर्चा शुरू हो गई है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
Mobile Gaming Heart Attack: अचानक हुई मौत ने बढ़ाई चिंता
Mobile Gaming Heart Attack की यह खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या मोबाइल गेम खेलने से हार्ट अटैक आ सकता है. फिलहाल इस मामले में ऐसा कहना सही नहीं होगा, क्योंकि छात्र का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और मौत की सही वजह सामने नहीं आ सकी है. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को गेम खेलते समय, दौड़ते समय या किसी भी काम के दौरान अचानक सीने में तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा घबराहट, चक्कर या बेहोशी जैसी दिक्कत हो, तो इसे हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए.
ऐसे में बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी होता है. Mobile Gaming Heart Attack के इस मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान कम उम्र में सामने आ रहे अचानक हार्ट अटैक के मामलों की तरफ खींचा है. खासकर युवाओं और उनके परिवारों के मन में इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर 17 साल के एक छात्र के साथ ऐसा कैसे हो गया.

