मेक्सिको : मेक्सिको की फ़ातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। थाइलैंड में आयोजित इस ग्रैंड इवेंट में उन्हें मिस यूनिवर्स 2024 विक्टोरिया थेलविग ने क्राउन पहनाया। भारत की प्रतिनिधि मनिका विश्वकर्मा अच्छी शुरुआत के बावजूद प्रतियोगिता में टॉप 30 तक ही पहुंच पाईं। आपको बता दें कि थाईलैंड की प्रवीणर सिंह रनर-अप रहीं, दूसरी रनर-अप वेनेजुएला की स्टेफनी अबासेली रहीं और तीसरी रनर-अप फिलीपींस की मा आहतिशा मनालो रहीं।
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फ़ातिमा बॉश की जीत जितनी खास है, उतनी ही यह प्रतियोगिता विवादों से भी घिरी रही। 4 नवंबर को कई कंटेस्टेंट्स ने इवेंट के बीच में ही छोड़ दिया था। इसकी वजह थी मिस यूनिवर्स थाइलैंड के डायरेक्टर नवात इत्साराग्रिसिल का बयान। उन्होंने फ़ातिमा को डम्बहेड यानी बेवकूफ कहा था। दरअसल, उनका आरोप था कि फ़ातिमा सोशल मीडिया पर जरूरी प्रमोशनल पोस्ट नहीं डाल रही थीं।
डायरेक्टर को माफी मांगनी पड़ी
फ़ातिमा और अन्य कंटेस्टेंट्स के इवेंट छोड़कर जाने के बाद मामला बढ़ गया। सोशल मीडिया पर मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन की आलोचना होने लगी। बाद में डायरेक्टर नवात ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी। मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने भी स्पष्ट कहा कि नवात के खिलाफ लीगल ऐक्शन लिया जाएगा। इस घटना के बाद फ़ातिमा बॉश विश्वभर में चर्चा का विषय बन गईं और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर सराहना हुई।
मेक्सिको की फ़ातिमा बॉश फर्नांडीज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन बेहद चुनौतीभरा था। वे बचपन में डिस्लेक्सिया और ADHD जैसी स्थितियों से जूझ रही थीं, जिनमें पढ़ने और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है। इन कारणों से उन्हें स्कूल में कई बार बुलिंग का सामना करना पड़ा। लेकिन फ़ातिमा ने इन चुनौतियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्होंने इन्हीं संघर्षों को अपनी ताकत बना लिया और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।
मिस मेक्सिको बनने पर भी हुआ था विवाद
यह पहली बार नहीं है जब फ़ातिमा किसी विवाद में फंसी हों। सितंबर 2025 में जब उन्होंने मिस यूनिवर्स मेक्सिको का खिताब जीता था, तब भी विवाद सामने आया था। फ़ातिमा ने बताया कि जब उनका नाम विनर के रूप में घोषित हुआ तो मंच पर बधाई देने सिर्फ चार प्रतियोगी ही आए। बाकी कंटेस्टेंट्स रनर-अप को बधाई दे रहे थे और काफी लोग नाराज दिखे।
प्रतियोगिता देखने आए लाइव दर्शकों ने भी उनके नाम के ऐलान पर ‘बू’ किया था। कई कंटेस्टेंट्स ने जेसिका विन के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। दरअसल, प्रतियोगी उम्मीद कर रहे थे कि याओना गुटरेज या मिस जैलिस्को को मिस मेक्सिको का ताज मिलेगा। उस समय फ़ातिमा बॉश शांत रहीं, लेकिन बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, सिस्टरहुड सिर्फ कहने से नहीं निभाने से बनता है। दुख की बात है कि इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। सिर्फ चार कंटेस्टेंट्स ने मुझे गले लगाया, और वे ही असली रानी हैं।
विवादों के बीच मिला बड़ा सम्मान
काफी उतार-चढ़ाव और विवादों के बावजूद फ़ातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स 2025 का ताज जीतकर यह साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास किसी भी मुश्किल को मात दे सकता है। उनकी जीत के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें बधाइयों से भर दिया। कई लोगों का कहना है कि फातिमा ने जिस तरह की परिस्थितियों का सामना किया, उसके बाद उनका मिस यूनिवर्स बनना प्रेरणादायक है।
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भारत की मनिका विश्वकर्मा टॉप 30 तक पहुंचीं
भारत की प्रतिनिधि मनिका विश्वकर्मा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वे टॉप 30 के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। भारतीय प्रशंसकों ने उनके प्रयास की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। फ़ातिमा बॉश की इस जीत ने एक बार फिर साबित किया है कि आत्मविश्वास, साहस और धैर्य के साथ किसी भी मंच पर जीत हासिल की जा सकती है चाहे रास्ता कितना ही मुश्किल क्यों न हो।


