कोलकाता: ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए और जनता से एकजुट होने की अपील की।
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घोषणा पत्र जारी, योजनाओं का ऐलान
ममता बनर्जी ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह और एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपए दिए जाएंगे। बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपए पॉकेट मनी देने का वादा किया गया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद केंद्र सरकार NRC और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीनने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि यह आम लोगों के अधिकारों के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिलिमिटेशन को लेकर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और चुनाव आयोग मिलकर निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) की योजना बना रहे हैं, जिससे आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाया जा सके। ममता बनर्जी ने राज्य में अनौपचारिक रूप से राष्ट्रपति शासन जैसा माहौल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का डर है, इसलिए इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है।
उद्योग और MSME पर दिया जोर
ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल इंडस्ट्री के लिए एक प्रमुख केंद्र है और MSME सेक्टर में राज्य देश में नंबर एक है। उन्होंने बताया कि लगभग 1.5 करोड़ लोग MSME सेक्टर में काम कर रहे हैं और चमड़ा उद्योग भी राज्य में सबसे बड़ा है। ममता बनर्जी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट रहें और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसियां डराने की कोशिश करें तो डरें नहीं और किसी भी तरह के लालच में न आएं। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सभी धर्मों को साथ लेकर चलने वाली है।
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स्टार प्रचारकों की सूची जारी

TMC ने चुनाव प्रचार के लिए 18 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है। इसमें ममता बनर्जी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल है। इधर, पश्चिम बंगाल में IAS और IPS अधिकारियों के ट्रांसफर के खिलाफ TMC सांसद ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षकार बनाया गया है।


