झारखंड के सियासी गलियारों में पिछले 48 घंटे से चल रही सियासी उलटफेर की अटकलों ने ‘इंडिया’ गठबंधन की नींद उड़ा दी थी. यह खबर जंगल की आग की तरह फैल रही थी कि झारखंड में वर्तमान हेमंत सरकार का भविष्य क्या होगा. इन कयासों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी इंडिया गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए थे.
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लेकिन ठीक उसी वक्त, कांग्रेस के अनुभवी रणनीतिकार और राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल मानों संकटमोचक बनकर मैदान में उतरे और उन्होंने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला. वेणुगोपाल की इस त्वरित कार्रवाई ने सभी अटकलों और कयासों पर विराम लगा दिया.
के.सी. वेणुगोपाल ने क्या दिया था बयान
सबसे पहले हम बात करते हैं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के बयान के बारे में. के.सी वेणुगोपाल ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात हुई.
Spoke to Jharkhand CM Shri @HemantSorenJMM ji today. Let there be no doubts – our INDIA alliance in Jharkhand is rock-solid, cohesive, and fully committed to advancing people-centric welfare policies that reflect the aspirations of every citizen of Jharkhand.
The malicious…
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) December 3, 2025
“इसमें कोई संदेह नहीं है – झारखंड में हमारा भारत गठबंधन अडिग, एकजुट और जन-केंद्रित कल्याणकारी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जो झारखंड के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करती हैं.”
आगे उन्होंने अपने पोस्ट के दूसरे हिस्से में बीजेपी और दक्षिणपंथी इकोसिस्टम की हताशा करार देते हुए लिखा “दक्षिणपंथी ट्रोल नेटवर्क द्वारा फैलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण कथानक और सुनियोजित अफवाह फैलाने वाले बयान उनकी बढ़ती हताशा और राजनीतिक असुरक्षा के संकेत मात्र हैं. हम इस तरह की घटिया ट्रोलिंग से प्रभावित नहीं होते और वे जनता के उस विश्वास को कभी कम नहीं कर सकते जो उन्होंने हम पर जताया है। हमारी एकता अक्षुण्ण है, हमारा उद्देश्य स्पष्ट है, और हमारा गठबंधन पहले से कहीं अधिक मजबूत है.”
क्यों उड़ी थीं हेमंत सोरेन के पाला बदलने की खबरें?
कहते हैं ना राजनीति में परसेप्शन ही हकीकत होती है. और जब झारखंड की सियासत में ये नैरेटिव चलाया जा रहा था कि हेमंत सोरेन बीजेपी के साथ गठबंधन कर नई सरकार बनाने वाले हैं, जिससे इंडिया गठबंधन में बेचैनी बढ़ने लगी.
- दिल्ली का अचानक दौरा: अफवाहों के पीछे मुख्य वजह यह थी कि पिछले महीने के अंत में अचानक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के संग बिना किसी निर्धारित कार्यक्रम के दिल्ली रवाना हो गए और छह दिनों तक दिल्ली में रहे। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि इस दौरान हेमंत सोरेन की मुलाकात भाजपा के एक शीर्ष नेताओं से हुई है।
- शिबू सोरेन को भारत रत्न की अटकलें: राजनीतिक विश्लेषकों का कहना था कि हेमंत सोरेन के एनडीए में शामिल होने की एक वजह दिवंगत दिसोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न सम्मान दिलाने की कोशिश के रूप में हो सकती है. यह कयास बिहार में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलने और उसके बाद नीतीश कुमार के पाला बदलने की घटना से जोड़ा जा रहा था.
- गठबंधन में दरार के संकेत: इसके अतिरिक्त कयास यह भी है कि बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो को महागठबंधन में सीटों के नहीं मिलने से भी हेमंत सोरेन राजद और कांग्रेस नेतृत्व से नाराज हैं। बीते दिनों दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टिट्यूट के कार्यक्रम में आरजेडी और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों का नदारद रहना भी गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़ा करता नजर आया. इसके अलावे, सरकार के एक साथ पूरे होने के मौके पर मोराबादी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे पोस्टर से आरजेडी और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के पोस्टर गायब दिखे, जिससे इन कयासों को और हवा मिल गई.
झामुमो का तर्क: ‘बीजेपी विरोध’ की राजनीति
हालांकि, झामुमो के कई नेताओं ने ये स्पष्ट कर दिया था कि हेमंत सोरेन का एनडीए में जाने का सवाल ही नहीं उठता. झामुमो के एनडीए में शामिल न होने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि हेमंत सोरेन ने हाल के वर्षों में अपनी पूरी राजनीति ‘बीजेपी विरोध’ और ‘आदिवासी अधिकारों’ पर खड़ी की है.
साल 2024 के शुरू में जेल जाने के बाद उनकी छवि एक मजबूत आदिवासी लीडर की तरह उभर कर सामने आई है. ऐसे में अगर वे अब बीजेपी के साथ जाते हैं, तो उनका पूरा कोर वोट बैंक यानी आदिवासी और अल्पसंख्यक उनसे छिटक सकता है और वे अपनी विश्वसनीयता खो देंगे. इसलिए, यह खबर तार्किक रूप से कम और सनसनीखेज रूप से ज्यादा वजनदार लग रही थी.
वेणुगोपाल ने संभाली कमान
राजनीति में ‘संपर्क’ एक बहुत ही सब्जेक्टिव शब्द है, और कई बार अनौपचारिक बातचीत को भी ‘पाला बदलने’ की तैयारी मान लिया जाता है.हेमंत सोरेन भी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली से रांची लौट आए हैं.
उनके रांची आने के बाद ही कांग्रेस महासचिव के. सी वेणुगोपाल ने बयान जारी कर इस डैमेज कंट्रोल की कमान संभालते हुए सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की, और सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान भी जारी कर दिया. जिसने तमाम अटकलों के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी.
Report by -Shreya Ratan


