रांची : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गोरखपुर के शाहपुर इलाके से विनय साह उर्फ हरिहर सिंह को गिरफ्तार किया है. विनय साह उर्फ हरिहर सिंह साल 2024 में झारखंड में हुए जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी है. एसटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी यात्रिक कारखाना क्षेत्र में छिपा है. जिसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया. यह परीक्षा 22 सितंबर 2024 को हुई थी. पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा था. उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने यह कार्रवाई झारखंड पुलिस की ओर से साझा किये गये जानकारी के आधार पर की है. पुलिस सुत्रों के अनुसार जल्द ही उसे झारखंड लाया जाएगा. सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है.
सीआईडी य़ानी अपराध अनुसंधान विभाग में दर्ज मुकदमा संख्या 01/2025 के अनुसार आरोपी पर बीएनएस की धारा 316(2), 318(2), 318(4), 61(2) और झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धारा 12(2), 12(3) के तहत कार्रवाई की जा रही है. एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हनुमन्त नगर कॉलोनी, पादरी बाजार, थाना शाहपुर गोरखपुर का रहने वाला है. उसके पास से नेपाली और भारतीय सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं.
यूपी एसटीएफ की अब तक की पूछताछ में आरोपी विनय साह ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों मनोज कुमार, शशि भूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी के साथ मिलकर पेपर लीक किया था. रांची के डोरंडा स्थित जेड स्क्वायर होटल में बैठकर उन सभी आरोपियों ने मिलकर पूरी साजिश रची थी. रची गई साजिश के तहत छात्रों को रक्सौल बॉर्डर से नेपाल ले जाया गया, जहां परीक्षा से पहले ही पेपर और उत्तर रटवा दिए गए. पेपर लीक कराने के बदले उसके खाते में मनोज कुमार ने 1 लाख रुपये भेजे थे.


