रांची : 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द समेत JPSC JSSC परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर छात्रों के विभिन्न गुटों का आंदोलन राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 15वें दिन भी जारी है. इस बीच जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है. सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. उन्होंने इन परीक्षाओं के जाँच की मांग की है. हालांकि यह मामला सुनवाई के सूचीबद्ध हुआ है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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छात्रों की 5 प्रमुख मांगें
पहली मांग है, 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की जांच केवल सीआईडी से न कराकर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए, क्योंकि अभ्यर्थियों को केवल सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: मामले के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, जिससे तय समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर न्याय मिल सके.
– टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों: विवादित एजेंसी ‘टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
– एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करना: टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाला जाए और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं जैसी पारदर्शी और भरोसेमंद कंपनियों के माध्यम से कराई जाएं.
– दागी अधिकारियों पर कार्रवाई: जेपीएससी और जेएसएससी के उन सभी अधिकारियों को तुरंत पद से हटाया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, तथा उनकी जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए.


