रांची: बिहार एसटीएफ और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को एक संयुक्त कार्रवाई में रांची में छिपकर रह रहे पटना के दो वांछित व कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई बरियातू थाना क्षेत्र स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में की गई, जहां दोनों आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर किराएदार के रूप में रह रहे थे. गिरफ्तार अपराधियों में 25 हजार रुपये का इनामी डकैत विशाल कुमार सिंह और उसका साथी छोटू प्रिंस उर्फ प्रिंस शामिल हैं. दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गर्दनीबाग के यारपुर निवासी विशाल कुमार सिंह के खिलाफ अकेले पटना में डकैती और गंभीर अपराधों के तीन से अधिक मामले दर्ज हैं. जनवरी 2019 में पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के लोटस अपार्टमेंट में हथियारों के बल पर एक फ्लैट से लगभग 30 लाख रुपये के आभूषण और नकदी की सनसनीखेज लूट हुई थी. जांच में विशाल का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था, जिसके बाद से वह फरार था.
विशाल का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है. वर्ष 2005 में गर्दनीबाग में एसबीआई के एक बैंक मैनेजर के घर में हुई डकैती के दौरान एक महिला और दो मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड में भी विशाल की सीधी संलिप्तता पाई गई थी.
सुलतानगंज के चौधरी टोला का रहने वाला दूसरा अपराधी छोटू प्रिंस उर्फ प्रिंस न केवल बिहार बल्कि दिल्ली पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था. छोटू प्रिंस के खिलाफ बिहार और दिल्ली के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के करीब 15 मामले दर्ज हैं. वर्ष 2019 में पटना अगमकुआं स्थित एक ज्वेलर्स दुकान में हुई डकैती के दौरान अपराधियों ने एक महिला को गोली मार दी थी. इस घटना को अंजाम देने वाले गिरोह में छोटू प्रिंस मुख्य भूमिका में था.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान इन्होंने रांची या आसपास के इलाकों में कौन-कौन से ठिकाने बनाए थे और क्या इस दौरान भी किसी आपराधिक वारदात को अंजाम दिया गया था. इसके अलावा इनके अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों, शरणदाताओं और छिपाकर रखे गए अवैध हथियारों का पता लगाने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है.


