रांची: जेपीएससी की ओर से आयोजित सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी अभय तिवारी और उमेश कुमार की जमानत याचिका को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की सीआईडी विशेष कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया. पूर्व में कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. बताया जा रहा है कि अभय तिवारी जेएसएससी सीजीएल में बीएसओ के रूप में चयनित होने के पहले टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर पद पर रह चुका है. उस पर अपने भाई व पत्नी के अलावे अन्य कई अभ्यर्थियों से पैसा लेकर नौकरी दिलाने का आरोप है.
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बताते चलें कि CID ने JPSC परीक्षा में अनियमितता को लेकर 22 जुलाई को सीआईडी थाना में कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है. इसी मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था. सीआईडी अब तक इस केस में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
वहीं जांच के दौरान अभय तिवारी ने जो स्वीकारोक्ति बयान सीआईडी के अधिकारियों के समक्ष दिया है, उसमें उसने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते का घोटाले में शामिल होने का उल्लेख किया है. इसके अलावा टीडीपीएल को परीक्षा आयोजित करने की एजेंसी के रूप में चयन करने में ख्यांग्ते की अहम भूमिका है. अभय तिवारी ब्लैक लिस्टेड कंपनी TDPL में रहते हुए वह चार बार जेपीएससी की परीक्षा पास कर चुका है.

