झारखंड : डुमरी में छात्रों ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर ‘छात्र अधिकार यात्रा’ की शुरुआत कर दी है। गुरुवार को विनोद बिहारी महतो चौक (चिरैया मोड़) से पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पदयात्रा लगभग 180 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रांची के विधानसभा धरनास्थल तक पहुंचेगी। यात्रा छह दिनों में अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगी। छात्रों की यह पदयात्रा डुमरी, जीटी रोड बगोदर, विष्णुगढ़, हजारीबाग, रामगढ़ और ओरमांझी से गुजरते हुए रांची पहुंचेगी। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र, युवा संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए हैं।
Highlights:
छात्रों की प्रमुख 5 मांगें

इस पदयात्रा के जरिए छात्रों ने झारखंड सरकार के सामने अपनी पांच मुख्य मांगें रखी हैं।
1. खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू की जाए
छात्रों ने मांग की है कि खतियान आधारित स्थानीय नीति और नियोजन नीति को बिना देरी लागू किया जाए, ताकि रोजगार और नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

2. लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान
कई छात्रों की छात्रवृत्ति लंबे समय से लंबित है। वे चाहते हैं कि सरकार तुरंत भुगतान की प्रक्रिया शुरू करे।
3. लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाएं
JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं के परिणाम अब तक नहीं आए हैं। छात्र चाहते हैं कि सभी लंबित रिजल्ट जल्द प्रकाशित किए जाएं।

4. नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग
छात्रों का कहना है कि हर वर्ष एक तय परीक्षा कैलेंडर जारी होना चाहिए और इसका पालन भी सख्ती से किया जाए, ताकि उन्हें तैयारी और भविष्य की योजनाओं में आसानी हो।
5. सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती शुरू की जाए
राज्य में हजारों सरकारी पद लंबे समय से खाली हैं। छात्रों ने मांग की है कि इन पदों पर तुरंत नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।

संघर्ष जारी रहेगा : छात्रों
पदयात्रा की शुरुआत के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह यात्रा केवल शुरुआत है, और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। यह पदयात्रा आने वाले दिनों में रांची पहुंचकर सरकार को छात्रों की समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं से अवगत कराएगी। छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीक़े से लेकिन मजबूती के साथ संघर्ष जारी रखेंगे।


