रांची: झारखंड पुलिस के अधिकारियों के प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रशिक्षण निदेशालय, झारखंड पुलिस ने सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CDTI) कोलकाता के सहयोग से दिसंबर माह में आयोजित होने वाले ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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यह प्रशिक्षण सब-इंस्पेक्टर और उससे उच्च स्तर के पदाधिकारियों के लिए प्रस्तावित है। राज्य में अपराध की बदलती प्रकृति और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए, इस ट्रेनिंग को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
24 घंटे में करना होगा योग्य अधिकारियों का नामांकन
प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी संबंधित जिलों और इकाइयों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे इन महत्वपूर्ण प्रशिक्षणों के लिए अपने-अपने क्षेत्र से योग्य पदाधिकारियों का नामांकन 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराएँ, ताकि ट्रेनिंग में कोई विलंब न हो।
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ट्रेनिंग के तीन महत्वपूर्ण विषय
ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तीन ऐसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो वर्तमान समय में झारखंड और देश के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं:
- मानव तस्करी पर सेमिनार: तस्करी के मामलों की पहचान, रोकथाम और कानूनी कार्रवाई पर फोकस।
- ड्रग यूज़र्स के लिए मानवीय और सहानुभूति वाला नजरिया: पुलिस की संवेदनशीलता बढ़ाना, ताकि नशेड़ियों को अपराधी की बजाय पीड़ित के रूप में देखा जा सके।
- ट्रांसबॉर्डर ह्यूमन ट्रैफिकिंग के उभरते ट्रेंड पर वेबिनार: सीमा पार मानव तस्करी के नए तरीकों और उससे निपटने की रणनीति पर विशेष चर्चा।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों को देश और राज्य में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर वाले अपराधों के ट्रेंड को समझने और उससे प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।


