Monday, October 5, 2026

अमर्यादित टिप्पणी पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जताई आपत्ति, बाबूलाल मरांडी से सार्वजनिक विमर्श में संयम बरतने की अपील

रांची : लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वस्थ आलोचना और विचारों की भिन्नता का स्वागत है, लेकिन संवैधानिक एवं जनसेवा के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन अधिकारियों के लिए अभद्र और अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग उचित नहीं है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से की गई कथित टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संस्थागत गरिमा के प्रतिकूल बताया है।

इसे भी पढ़ें: रांची में कांग्रेस नेता के भतीजे का अपहरण, ओरमांझी से घायल अवस्था में बरामद, मारपीट और लूटपाट का भी आरोप

एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि न्यायालय के समक्ष प्रक्रियाधीन मामलों पर अनर्गल अथवा अमर्यादित टिप्पणी करना न केवल न्यायिक एवं संस्थागत गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि इससे सार्वजनिक विमर्श का स्तर भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय और संवैधानिक पदों की गरिमा यह अपेक्षा करती है कि सार्वजनिक जीवन में अपनी बात रखते समय भाषा में संयम, शालीनता और पदों के प्रति सम्मान कायम रखा जाए।

एसोसिएशन ने विशेष रूप से ‘भद्द पिट रही है’ जैसी भाषा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार की शब्दावली से पुलिस विभाग के शीर्ष नेतृत्व और कर्मियों की गरिमा प्रभावित होती है तथा पुलिस बल के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

एसोसिएशन ने अपने सदस्य सहायक अवर निरीक्षक (एएसआइ) अजय सिंह का नाम कथित रूप से निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अनुसार अजय सिंह वर्तमान में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि किसी पुलिसकर्मी को बिना प्रमाण राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद में घसीटना उचित नहीं है। राकेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि झारखंड पुलिस एक अनुशासित एवं संवैधानिक व्यवस्था के तहत कार्य करती है। पुलिस से जुड़े निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के आधार पर नहीं, बल्कि विधि, नियम और निर्धारित पदानुक्रम के अनुसार लिए जाते हैं।

एसोसिएशन ने राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए पुलिस महकमे के शीर्ष नेतृत्व और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने से बचने की अपील की। संगठन ने कहा कि दिन-रात कानून-व्यवस्था और जनसेवा में जुटे पुलिसकर्मियों को बिना प्रमाण राजनीतिक विवाद में घसीटना स्वीकार्य नहीं होगा। एसोसिएशन ने कहा कि वह अपने प्रत्येक सदस्य के सम्मान और स्वाभिमान के साथ मजबूती से खड़ा है। संगठन ने सार्वजनिक विमर्श में भाषाई मर्यादा एवं संयम बनाए रखने तथा भविष्य में निराधार आरोपों से बचने का अनुरोध किया है।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

कौन हैं सुभाष चंद्र गर्ग? GDP के आंकड़ों से...

Rohit Anil Tripathi कौन हैं सुभाष चंद्र गर्ग? जो कभी कहते हैं कि देश की जीडीपी के आंकड़े सही नहीं हैं, कभी अपनी किताब में...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर