झारखंड : झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर अब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग झारखंड ने चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आयोग की ओर से 27 जनवरी को राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव की औपचारिक घोषणा की जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। मतदान फरवरी के अंत में कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरी कर ली जाएगी। इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुका है।
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48 नगर निकायों में होगा मतदान
राज्य में कुल 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को आयोग कार्यालय में सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। करीब साढ़े चार घंटे चले इस प्रशिक्षण में बूथ गठन से लेकर नामांकन, नाम वापसी, जांच, चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी हैं।
बैलेट पेपर से होंगे मतदान
इस बार झारखंड के नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। चुनाव की एक अहम खासियत यह है कि इसमें NOTA यानी None of the Above का विकल्प नहीं होगा। मतदाताओं को महापौर, अध्यक्ष या वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से किसी एक को ही वोट देना होगा। मेयर या अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का बैलेट पेपर सफेद रंग का रहेगा। मतगणना के समय दोनों मतपत्रों को अलग-अलग छांटकर गिना जाएगा।
मतदान और मतगणना का कार्यक्रम
सभी नगर निकाय क्षेत्रों में एक ही दिन मतदान कराया जाएगा और मतदान के तीसरे दिन मतगणना होगी। यदि मतदान 25 फरवरी को होता है तो मतगणना 27 फरवरी को होगी, जबकि 26 फरवरी को मतदान होने की स्थिति में 28 फरवरी को मतगणना कराई जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि होली से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी। मतगणना के बाद 20 दिनों के भीतर नगर निगमों में मेयर और नगर परिषद व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा। इस चुनाव में वार्ड पार्षद मतदान करेंगे और उन्हीं में से कोई एक मेयर या अध्यक्ष चुना जाएगा। इससे पहले सभी वार्ड पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी।
चुनाव खर्च की सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है। रांची और धनबाद नगर निगम में मेयर पद के उम्मीदवार अधिकतम 25 लाख रुपये और वार्ड पार्षद उम्मीदवार अधिकतम 5 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। अन्य नगर निगमों में, जहां आबादी 10 लाख से कम है, वहां मेयर पद के लिए 15 लाख रुपये और वार्ड पार्षद के लिए 3 लाख रुपये की सीमा तय की गई है। आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रचार सामग्री, वाहन, लाउडस्पीकर, पंडाल, पोस्टर और होटल-गेस्ट हाउस के किराए की दरें पहले से तय करने के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव खर्च का सही आकलन हो सके।
2020 से लंबित थे नगर निकाय चुनाव
गौरतलब है कि झारखंड में वर्ष 2020 से नगर निकाय चुनाव लंबित थे। पहले कोरोना महामारी के कारण चुनाव टाले गए और बाद में ओबीसी आरक्षण तथा ट्रिपल टेस्ट को लेकर मामला उलझता चला गया। अब सभी अड़चनें दूर हो चुकी हैं और राज्य में नगर निकाय चुनाव कराना संवैधानिक रूप से अनिवार्य हो गया था।


