रांची: झारखंड को पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाली करीब 700 करोड़ रुपये की राशि नहीं मिल सकी है। यह पैसा 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार से मिलना था। राशि नहीं मिलने से राज्य की पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, विभाग समय पर जरूरी दस्तावेज केंद्र सरकार को नहीं भेज पाया था। इस वजह से अंतिम किस्त जारी नहीं हो सकी। राज्य सरकार ने इसके लिए कई बार केंद्र से आग्रह किया, लेकिन राशि जारी नहीं हुई।
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गांवों में विकास कार्यों पर पड़ा असर
इस राशि से गांवों में नाली निर्माण, पीने के पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई, जल निकासी, छोटी सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे काम होने थे। लेकिन फंड नहीं मिलने के कारण कई जरूरी काम रुक गए हैं। ग्रामीणों की मांग के बावजूद कई योजनाओं को पूरा नहीं किया जा सका है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और विभाग के सचिव ने भी केंद्र सरकार से राशि जारी करने का आग्रह किया था। उनकी मांग थी कि विशेष परिस्थिति में झारखंड को यह पैसा दिया जाए, ताकि गांवों के विकास कार्य पूरे हो सकें। हालांकि, तय समय सीमा समाप्त होने के कारण राशि मिलने का रास्ता साफ नहीं हो पाया।
समय पर दस्तावेज नहीं भेजने से अटकी राशि
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर में विभाग को पहले की राशि मिली थी। इस पैसे का उपयोगिता प्रमाण पत्र यानी यूजिलाइजेशन सर्टिफिकेट मार्च तक केंद्र सरकार को भेजना जरूरी था। इसके बाद ही अंतिम किस्त जारी हो सकती थी।
लेकिन विभाग तय समय के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट नहीं भेज पाया। इसी वजह से केंद्र सरकार ने अंतिम किस्त जारी नहीं की। इसके बाद राज्य सरकार ने कई बार पत्र लिखकर राशि देने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
15वें वित्त आयोग के तहत मिलने थे 6585 करोड़ रुपये
15वें वित्त आयोग का कार्यकाल 2021 से 2026 तक था। इसके तहत झारखंड की तीनों स्तर की पंचायतों के विकास के लिए कुल 6585 करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान था। इस राशि को अलग-अलग वर्षों में दो किस्तों में जारी किया जाना था।
जानकारी के अनुसार, अंतिम दो वर्षों में राज्य को करीब 2700 करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन विभाग को केवल 2000 करोड़ रुपये ही मिल सके। इस तरह करीब 700 करोड़ रुपये की राशि नहीं मिल पाई।
अब 16वें वित्त आयोग से मिलेगी राशि
ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि विभाग ने अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर राशि की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार से पैसा जारी नहीं हो पाया।
अब 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 16वें वित्त आयोग का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में आगामी विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से 16वें वित्त आयोग के तहत राशि मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, करीब 700 करोड़ रुपये नहीं मिलने से गांवों में रुके विकास कार्यों को लेकर सवाल बने हुए हैं।

