रांची : चिटफंड कंपनी MAXIZONE TOUCH के नोएडा और गाजियाबाद के 20 ठिकानों पर गुरूवार सुबह ईडी की छापेमारी में 300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से सबूत मिले हैं. कंपनी के निदेशक चंद्रभूणष सिंह और उसकी पत्नी पर 521-600 करोड़ रुपये की मनी लॉंड्रिंग का आरोप है. ईडी ने घोटाले की जांच के दौरान गुरुवार को दूसरी बार छापेमारी की. सुबह छह बजे शुरू हुई छापेमारी लगभग 15 घंटे तक चली.
छापेमारी के दौरान निवेशकों को बेहतर रिटर्न देकर ठगने और ठगी के पैसों की लॉंड्रिंग कर कई राज्यों में अलग-अलग नामों से संपत्ति खरीदे जाने से संबंधित सबूत मिले हैं. अब तक के आकलन में लगभग 300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का अनुमान किया गया है. बताया जा रहा है कि कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उसकी पत्नी प्रियंका सिंह ने मार्केटिंग कंपनी बनाई. इसके बाद गलत तरीके से इसका इस्तेमाल बेहतर रिटर्न के नाम पर निवेश कराने में किया.
कहा जा रहा है कि अल्प आय वर्ग के लोगों ने बेहतर रिटर्न की उम्मीद में इस कंपनी में 500-600 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसके बाद कंपनी के निदेशक सहित अन्य लोग कार्यालय बंद कर फ़रार हो गये. इस जालसाजी के मामले में देश के पाँच राज्यों झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में MAXIZOE TOUCH के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. फरार होने के बाद चंद्रभूषण ने अपना नाम बदल कर दीपक सिंह कर लिया. इस नाम से अपने लिए फर्जी पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनवाये. इसके बाद नोएडा में दीपक सिंह के नाम पर रहने लगा.


