हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में जंगल भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री के मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने हजारीबाग सदर अंचल कार्यालय से 9 प्लॉट्स से जुड़े भूमि रजिस्टर (पंजी-टू) की सत्यापित प्रतियां मांगी हैं। इस संबंध में ACB की ओर से 6 जनवरी को अंचलाधिकारी को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। ACB की यह कार्रवाई गैरमजरुआ खास किस्म की जंगल भूमि से जुड़ी है, जो कानूनन प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। आरोप है कि ऐसी जमीनों की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री की गई। इसी मामले में कांड संख्या 11/2025 दर्ज कर जांच की जा रही है।
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प्रतिबंधित वन भूमि की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला उस अवधि से जुड़ा है जब जिले में उपायुक्त के रूप में विनय चौबे पदस्थापित थे। ACB ने पत्र में उल्लेख किया है कि बभनवै मौजा, थाना संख्या 252 के अंतर्गत खाता संख्या 95 की जमीन को भूमाफियाओं द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से खरीदा और बेचा गया।
इन प्लॉट्स के कागजात मांगे गए
ACB ने आगे की जांच के लिए खाता संख्या 95 में दर्ज गैरमजरुआ खास जंगल भूमि से जुड़े निम्नलिखित 9 प्लॉट्स की पंजी-टू की सत्यापित प्रतियां तलब की हैं वो प्लॉट संख्या 773, 812, 848, 1040, 776/1053, 776/1055, 1060, 848/1062, 848/1063 है। ACB ने अंचलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सभी संबंधित दस्तावेज जल्द से जल्द उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन की खरीद-बिक्री किस तरह और किन नियमों के उल्लंघन के साथ की गई। इस मामले में ACB की सक्रियता से संकेत मिलते हैं कि जंगल और सरकारी भूमि की अवैध खरीद-बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।


