जमशेदपुर: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। शहर में 12 स्लीपर सेल होने के इंटरपोल से मिले खुफिया इनपुट के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। शहर में निगरानी बढ़ाने के साथ साथ संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती की गई है। इंटरपोल की ओर से जारी चेतावनी के बाद जमशेदपुर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। एसएसपी स्तर से सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखें।
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़ी निगरानी
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, औद्योगिक क्षेत्र और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक करने की तैयारी में है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, जमशेदपुर में एक दर्जन से अधिक स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। दावा किया जा रहा है कि इनका सीधा या परोक्ष संबंध पाकिस्तान से हो सकता है और कुछ लोग आतंकी प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। हालांकि, इस मामले में अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ कहने से बच रहे हैं।
अर्शियान पर रेड कॉर्नर नोटिस
रिपोर्ट के अनुसार, आजादनगर थाना क्षेत्र के जाकिरनगर रोड नंबर-14 निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान को इस नेटवर्क का प्रमुख बताया गया है। वह पिछले सात से आठ वर्षों से फरार है। उसकी तलाश में एनआईए और एटीएस की टीमें कई बार जमशेदपुर आ चुकी हैं। जांच एजेंसियों की सिफारिश पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जिससे उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज हो गई है।
आतंकी कनेक्शन
जमशेदपुर पहले भी आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा है। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था। जांच में उसका संपर्क ओडिशा से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान उर्फ कटकी से सामने आया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि कटकी को झारखंड और ओडिशा में नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी नेटवर्क में अर्शियान और उसके भाई मोहम्मद जीशान का नाम भी सामने आया था। जीशान फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है।
औद्योगिक और रणनीतिक रूप
टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कारण जमशेदपुर देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। ऐसे प्रतिष्ठान आतंकी संगठनों के लिए हाई-इम्पैक्ट टारगेट माने जाते हैं। टाटानगर रेलवे जंक्शन और मजबूत सड़क नेटवर्क भी शहर की रणनीतिक अहमियत को बढ़ाते हैं। अलर्ट के बाद होटल, लॉज, किराए के मकानों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वाहन जांच अभियान भी तेज कर दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। नाम नहीं छापने की शर्त पर अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियां हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं और जिले में सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही


