रांची: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देवघर एवं दुमका जिले के दो दिनों के प्रवास के दौरान बाबा बैद्यनाथ एवं बाबा बासुकीनाथ का दर्शन प्राप्त हुआ साथ ही चुनाव आयोग के प्रहरी और आधार स्तंभ यहां के बीएलओ के साथ संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ। यहां के बीएलओ से संवाद के क्रम में उनकी तैयारियों को देखकर यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा जब भी झारखंड में होगी उसे सुगम एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराया जा सकेगा।
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आध्यात्मिक व पर्यटन स्थल तपोवन का परिदर्शन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को देवघर स्थित प्रसिद्ध आध्यात्मिक व पर्यटन स्थल तपोवन का परिदर्शन किया। इस दौरान तपोवन पर्वत पर भगवान शिव और हनुमान जी से जुड़े मंदिरों के साथ रावण की तपस्थली का दर्शन किया। इस मौके पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय झारखंडी व्यंजन ढुसका एवं लिट्टी चोखा का आनंद लिया एवं इनके स्वाद को लज़ीज बताया। व्यंजन की तारीफ में उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यंजन स्वाद से भरपूर है एवं स्वादिष्ट और पारंपरिक भोजन करके मन आनंद और प्रसन्नता से भर गया।
बीएलओ के कार्यों की सराहना
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्द्धन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त बीएलओ के साथ संवाद कार्यक्रम में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के प्रति चुनाव आयोग के प्रहरी की समझ एवम स्पष्टता से काफ़ी प्रभावित हुए और कहा कि जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित IIIDEM में बीएलओ के प्रशिक्षण कार्यक्रम में देवघर के बीएलओ को आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता एवं इसके चरणों की जानकारी से सभी को अवगत कराया।


