दिल्ली : भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने आधिकारिक तौर पर प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी चोट के कारण अब उनके लिए प्रतिस्पर्धी स्तर पर खेलना संभव नहीं रह गया है। यह समस्या उन्हें लंबे समय से परेशान कर रही थी और धीरे-धीरे उनके खेल को प्रभावित कर रही थी।
साइना ने आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन टूर्नामेंट में खेला था। हालांकि, उस समय उन्होंने अपने संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी, जिससे उनके प्रशंसक असमंजस में थे कि वह खेलना जारी रखेंगी या नहीं।
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दो साल पहले ही बैडमिंटन खेलना बंद
हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने खुलकर इस बारे में बात की। साइना ने कहा कि उन्होंने वास्तव में दो साल पहले ही प्रोफेशनल बैडमिंटन खेलना बंद कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने सिद्धांतों और अपने तरीके से खेलना शुरू किया था और उसी तरह अपना करियर समाप्त करना चाहती थीं, इसलिए उन्हें सार्वजनिक घोषणा जरूरी नहीं लगी।
साइना नेहवाल का करियर भारत के लिए बेहद गौरवशाली रहा है। उन्होंने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। 2008 में उन्होंने BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतकर देश का नाम रोशन किया। उसी साल उन्होंने पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया और ओलिंपिक क्वार्टर-फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।
BWF सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को हराया, जिनमें हॉन्गकॉन्ग की वर्ल्ड नंबर-5 खिलाड़ी वांग चेन भी शामिल थीं। 2009 में उन्होंने इतिहास रचा और BWF सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
साइना नेहवाल ने भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दी और लाखों युवाओं को खेल के लिए प्रेरित किया। भले ही उन्होंने संन्यास ले लिया हो, लेकिन उनका नाम हमेशा भारतीय खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।


