कोलकाता : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच टकराव और तेज हो गया है। TMC के लिए राजनीतिक और चुनावी रणनीति का काम कर रही संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर गुरुवार को ED ने छापेमारी की। इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि मुख्यमंत्री वहां से एक फाइल और लैपटॉप अपने साथ लेकर चली गईं। इस पर ED ने ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और दस्तावेज व डिजिटल सबूत जबरन हटाने का आरोप लगाया है।
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ED और TMC आमने-सामने
ED ने इस मामले को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एजेंसी का आरोप है कि छापेमारी के दौरान उसके काम में रुकावट डाली गई। वहीं, TMC ने पलटवार करते हुए कहा है कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेज और डेटा तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। TMC ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है और खुद भी हाईकोर्ट पहुंची है।
हाईकोर्ट में हंगामा, सुनवाई स्थगित
TMC और ED से जुड़े मामलों पर शुक्रवार को कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी। लेकिन अदालत परिसर में भारी भीड़ और जोरदार हंगामे के कारण अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए कोर्ट ने सुनवाई को स्थगित कर दिया। हाईकोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की है।
सीएम ममता बनर्जी ने किया मार्च
ED की कार्रवाई के विरोध में TMC ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में उस स्थान पर पहुंचीं, जहां से उन्होंने I-PAC रेड के खिलाफ मार्च की अगुवाई की। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की।
दिल्ली में भी प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। TMC के कुछ सांसदों ने सुबह केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों को हिरासत में ले लिया। इससे पार्टी और केंद्र सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया है।
अभिषेक बनर्जी का मोदी सरकार पर हमला
TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है, जबकि अपराधियों को आसानी से जमानत मिल रही है। उन्होंने इसे भाजपा की नए भारत की सोच करार दिया।
राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार
I-PAC पर ED की छापेमारी, मुख्यमंत्री की मौजूदगी, हाईकोर्ट में टली सुनवाई और देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते यह मामला अब सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। 14 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे इस विवाद की दिशा तय हो सकती है।


