रांची: पशुपालन विभाग रांची में जांच के दौरान कर्मचारी मुनिंद्र कुमार के कई कारनामों का खुलासा हुआ है. आरोप है कि रामगढ़ में पदस्थापन के दौरान मुनिंद्र ने वेतन मद से लगभग 40 लाख रुपए की फर्जी निकासी की थी. रांची ट्रेजरी गड़बड़ी उजागर होने के बाद रामगढ़ में जांच शुरु की गई, जिसमें यह अनियमितता पकड़ में आई. जांच में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि एक क्लर्क का वेतन कई वर्षों तक राज्य के मुख्य सचिव से भी अधिक निकलता था, लेकिन किसी को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी और न ही किसी स्तर से इसकी जांच हुई.
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वेतन बिल में हेराफेरी
जानकारी के अनुसार, आरोपी मुनिंद्र कुमार ने फर्जी निकासी करने के लिए पहले से बेहद सुनियोजित तरीका निकाल रखा था. जिसमें वह वेतन बिल के तैयार होने के बाद अपने साथ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मूल वेतन, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता सहित सभी मदों का विविरण बिल्कुल सही तरीके से तैयार करता था.
वहीं कर्मचारी के कुल वेतन का आकंड़ा भी सही दर्ज करता था. लेकिन बिल के अंतिम चरण में वह सभी कर्मचारियोंं के वेतन के कुल योग में हेराफेरी कर राशि बढ़ा देता था. उदाहरण के तौर पर अगर इस समझा जाए तो अगर किसी महीने 20 कर्मचारियों का कुल वेतन 35 लाख बनता था, तो आरोपी इस वेतन को कुल योग बढ़ाकर लगभग 40 लाख तक पहुंचा देता था. इसके बाद वह संबंधित डीडीओ से उस बिल पर हस्ताक्षर करा लेता था.
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रिश्तेदार के खाते में पैसे
वहीं ऑनलाइन बिल अपलोड करते समय वह कुल आंकड़ों में फेरबदल करता और अतिरिक्त रकम को अपने और अपने रिश्तेदार संजीव के खाते में ट्रांसफर कर देता था. जिससे विभाग के कर्मचारियों को उनका वास्तविक वेतन मिल जाता था और किसी को आरोपी पर संदेह नहीं होता था.
कांके स्थित पशु पालन स्वास्थ्य एंव उत्पादन संस्थान कार्यालय में वह वेतन बिल तैयार नहीं करता था और कार्यालय कर्मचारियों से कहता था कि उसकी पोस्टिंग होटवार में भी है. आरोपी वहीं बिल तैयार करता और डीडीओ से हस्ताक्षर करा लेता था. इस मामले के उजागर होने के बाद विभागीय स्तर से कार्रवाई की तैयारी शुरु कर दी गई है.
रिमांड पर लेने की तैयारी
रामगढ़ के थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडे में कहा कि इस मामले को लेकर जिला प्रसासन की ओर से प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है. जिसके बाद आरोपी मुनिंद्र को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है. जिसके लिए मनीष कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही पोलकी उरांव कौन है इसकी भी जानकारी निकलाने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि इस मामले में उसके नाम पर भी अवैध निकासी हुई थी.


