झारखंड : झारखंड में इस साल की आखिरी कैबिनेट की बैठक आज बुलाई गई है। यह बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होगी। बैठक दोपहर 3 बजे से प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में शुरू होगी। इस अहम बैठक में पेसा (PESA) नियमावली पर मुहर लगने की अधिक संभावना है। इसके अलावा बैठक में 15 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जा सकती है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से चार दिन पहले ही अधिसूचना जारी कर दी गई थी।
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जानकारी के अनुसार, पंचायती राज विभाग ने पेसा नियमावली से संबंधित ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि नए सिरे से तैयार किए गए इस प्रस्ताव में पहले विभिन्न विभागों की ओर से दर्ज आपत्तियों को दूर कर लिया गया है। इसी वजह से आज की कैबिनेट बैठक में पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। गौरतलब है कि पेसा कानून का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को उनके पारंपरिक अधिकारों और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना है। इस कानून के लागू होने से ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की प्रक्रिया सशक्त होगी।
पेसा कानून लागू होने से क्या होगा?
पेसा नियमावली लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। इसके साथ ही यह कानून महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगा। ग्राम सभाओं में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि पेसा नियमावली के लागू होने से स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और सही उपयोग में मदद मिलेगी। साथ ही, गांव स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। आज होने वाली इस कैबिनेट बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि पेसा नियमावली को मंजूरी मिलती है, तो यह झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाएगा।
अब तक कौन से राज्यों में लागू हो चुका है?
आपको बता दे कि पेसा कानून अब तक हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और हाल ही में मध्य प्रदेश ने अपने पेसा कानून लागू किया है। लेकिन, झारखंड में अभी भी पेसा कानून लागू नहीं किया जा सका है।


