Health Desk: पहले यह माना जाता था कि Heart Attack सिर्फ ज्यादा उम्र के लोगों को होता है. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक 20 से 45 साल की उम्र के कई युवा भी दिल की बीमारी का शिकार हो रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो देखने में बिल्कुल फिट और स्लिम लगते हैं. कई मामलों में जिम में एक्सरसाइज करते, डांस करते, खेलते या ऑफिस में काम करते समय भी अचानक Heart Attack आने की घटनाएं सामने आई हैं.
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कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ वजन कम होना या शरीर से पतला दिखना इस बात का सबूत नहीं है कि आपका दिल पूरी तरह स्वस्थ है. शरीर के अंदर छिपी चर्बी और एक खास तरह का बैड कोलेस्ट्रॉल कम उम्र में भी Heart Attack का खतरा बढ़ा सकता है.
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कम उम्र में Heart Attack का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार भारतीयों में दिल की बीमारी पश्चिमी देशों के लोगों की तुलना में 5 से 10 साल पहले देखने को मिल रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह पेट के अंदर जमा होने वाली चर्बी, जिसे Visceral Fat कहा जाता है, और Lipoprotein(a) नाम का बैड कोलेस्ट्रॉल माना जा रहा है. हृदय रोग संस्थान के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने 20 से 45 साल की उम्र के 600 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.
इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जो बाहर से बिल्कुल सामान्य और फिट दिखते हैं. लेकिन जांच में पता चलता है कि उनके शरीर के अंदर Visceral Fat ज्यादा है या Lipoprotein(a) का स्तर बढ़ा हुआ है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर से ज्यादा और महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से ज्यादा है, तो यह अंदरूनी चर्बी बढ़ने का संकेत हो सकता है. यही चर्बी धीरे-धीरे दिल और खून की नसों पर असर डालती है.
Heart Attack में Lipoprotein(a) बनता है बड़ा खतरा
Lipoprotein(a) एक ऐसा बैड कोलेस्ट्रॉल है, जो कई लोगों में जन्म से ही ज्यादा हो सकता है. यह धीरे-धीरे दिल की धमनियों की दीवार पर चिपकने लगता है और वहां प्लाक जमा कर देता है. इससे नसें संकरी होने लगती हैं और खून का बहाव प्रभावित हो सकता है. जब कोई व्यक्ति दौड़ता है, जिम में ज्यादा मेहनत करता है या अचानक तेज शारीरिक गतिविधि करता है, तब दिल को ज्यादा खून और ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है.
अगर पहले से नसों में ब्लॉकेज हो, तो ऐसी स्थिति में Heart Attack या Sudden Cardiac Arrest का खतरा बढ़ सकता है. कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश्वर पांडेय के अनुसार, कई युवाओं में यही वजह अचानक दिल की गंभीर समस्या का कारण बन रही है. इसलिए सिर्फ फिट दिखने के आधार पर खुद को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है.
Visceral Fat और Heart Attack का खतरा
Visceral Fat वह चर्बी होती है जो पेट के अंदर और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के आसपास जमा होती है. यह बाहर से आसानी से दिखाई नहीं देती. यही कारण है कि कई लोग पतले दिखने के बावजूद इसके शिकार हो सकते हैं. यह चर्बी शरीर में ऐसे तत्व छोड़ती रहती है जो सूजन बढ़ाते हैं. धीरे-धीरे इसका असर दिल और खून की नसों पर पड़ता है. लंबे समय तक ऐसा रहने पर Heart Attack का खतरा बढ़ सकता है.
Heart Attack से बचाव के आसान तरीके
डॉक्टरों का कहना है कि अगर परिवार में कम उम्र में दिल की बीमारी का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर की सलाह पर Lipoprotein(a) की जांच करानी चाहिए. इसके अलावा नियमित हेल्थ चेकअप भी जरूरी है. रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें, संतुलित खाना खाएं, धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें, अच्छी नींद लें और तनाव कम रखने की कोशिश करें.
अगर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक ज्यादा पसीना, चक्कर या बेचैनी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टरों के मुताबिक Lipoprotein(a) की रिपोर्ट में 30 mg/dL से कम स्तर को कम जोखिम माना जाता है. 30 से 50 mg/dL के बीच जोखिम बढ़ सकता है, जबकि 50 mg/dL से ज्यादा स्तर होने पर Heart Attack का खतरा और बढ़ सकता है. इसलिए समय रहते जांच और सही सलाह लेना सबसे जरूरी कदम है.

