रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। इस केस में गिरफ्तार 60 से अधिक आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। अब अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। रांची सिविल कोर्ट में अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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गिरोह का पर्दाफाश
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पिछले महीने आयोजित होने वाली थी (12 अप्रैल 2026)। परीक्षा से ठीक पहले ही पुलिस को पेपर लीक और धांधली की सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया, जिससे बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने से बचाव हो सका। सूचना मिलने के बाद तमाड़ क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ, जो परीक्षा में धांधली की योजना बना रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 164 लोगों को हिरासत में लिया था। जांच में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद जैसे नाम सामने आए हैं। साथ ही, इस मामले में 7 महिलाओं की संलिप्तता भी पाई गई है।
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पिछली सुनवाई में क्या हुआ था
पिछली सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट के सामने करीब 1000 पन्नों की केस डायरी पेश की। इसमें पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और साजिश से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है। इस मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है। जमानत पर फैसला आने के बाद इस मामले की आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा तय होगी।


