रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेपर लीक के मुद्दे को गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताते हुए कहा कि यह केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों के युवाओं को प्रभावित कर रही चुनौती बन चुकी है। बुधवार को झारखंड विधानसभा में मानसून सत्र को लेकर हुए सर्वदलीय बैठक में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल जांच कर दोषियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि युवाओं और अभ्यर्थियों को ठोस समाधान उपलब्ध कराना भी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने आंदोलनरत छात्रों और अभ्यर्थियों से संवाद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि झारखंड सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों के पास कोई मांग या सुझाव है, वे सरकार के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की हर बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा और उनके हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


