झारखंड: रांची के मैक्लुस्कीगंज के हेसालौंग गांव में 22 अक्टूबर को ऐतिहासिक भूत मेला आयोजित किया जाएगा. स्थानीय लोग इसे भूत मेला, भूत जतरा या Ghost Fair के नाम से जानते हैं. यह मेला क्षेत्र की पुरानी धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है. कई वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं. इस बार मेले की तारीख को लेकर कुछ समय से चर्चा चल रही थी.
Highlights:
अब गांव के लोगों और मेला समिति ने बैठक के बाद 22 अक्टूबर की तारीख तय कर दी है. तारीख तय होने के बाद Ghost Fair की तैयारियां भी तेज हो गई हैं. गांव में साफ-सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं का काम शुरू कर दिया गया है. मेला समिति और ग्रामीण आयोजन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. लोगों में मेले को लेकर उत्साह भी बढ़ रहा है.
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Ghost Fair की कहानी
मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के हेसालौंग गांव में यह मेला हर साल दशहरा के बाद लगाया जाता है. स्थानीय भाषा में इसे भूत मेला या भूत जतरा कहा जाता है. यह क्षेत्र की पुरानी परंपरा का हिस्सा है और कई वर्षों से लोग इसे मनाते आ रहे हैं. Ghost Fair में शामिल होने के लिए सिर्फ हेसालौंग या आसपास के गांवों के लोग ही नहीं आते, बल्कि खलारी कोयलांचल और दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
लोग यहां मेले का आनंद लेने के साथ-साथ अपनी पुरानी परंपरा से भी जुड़ते हैं. यह मेला लोगों के बीच मिलने-जुलने का भी एक बड़ा अवसर होता है. परिवार के लोग साथ आते हैं और गांवों के बीच आपसी संबंध भी मजबूत होते हैं.
मेले में ये मिलेगा देखने
Ghost Fair में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ देखने को मिलता है. मेले में खिलौनों की दुकानें, मिठाइयां, खाने-पीने की चीजें, श्रृंगार का सामान और रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों की दुकानें लगती हैं. इस मेले से स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी फायदा मिलता है. दूर-दूर से आने वाले लोग खरीदारी करते हैं, जिससे गांव के व्यापार को बढ़ावा मिलता है. इसके अलावा यह मेला सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है. यहां लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और अपनी संस्कृति व परंपरा को आगे बढ़ाते हैं.
मैक्लुस्कीगंज की खास पहचान
मैक्लुस्कीगंज को झारखंड का मिनी लंदन भी कहा जाता है. यह जगह अपने पुराने इतिहास, हरियाली और अंग्रेजी समय के बने घरों के लिए जानी जाती है. ब्रिटिश काल के दौरान यहां एंग्लो-इंडियन समुदाय के लोगों को बसाने की योजना बनाई गई थी. इसके बाद यहां कई परिवार आकर रहने लगे. आज भी यहां के पुराने बंगले और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. मैक्लुस्कीगंज की पहचान सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं है. यहां फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है. मशहूर फिल्म A Death in the Gunj की शूटिंग भी इसी इलाके में हुई थी.
मेले की तैयारियां तेज
22 अक्टूबर को होने वाले Ghost Fair को सफल बनाने के लिए मेला समिति और गांव के लोग लगातार काम कर रहे हैं. आयोजन को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं. मेला समिति ने आसपास के गांवों और क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर इस पारंपरिक आयोजन का हिस्सा बनें. हर साल की तरह इस बार भी मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. Ghost Fair आज भी अपनी पुरानी पहचान और परंपरा को संभाले हुए है. यही वजह है कि यह मेला झारखंड की लोक संस्कृति का एक खास हिस्सा माना जाता है.

