Thursday, May 28, 2026

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप V3 का पहला परीक्षण, खराबी के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग

न्यूज डेस्क: स्पेसएक्स के दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन V3 का पहला टेस्ट लॉन्च सफलता और तकनीकी चुनौतियों के बीच पूरा हुआ। रॉकेट ने अमेरिका के टेक्सास स्थित स्टारबेस लॉन्च पैड से सफल उड़ान भरी, लेकिन उड़ान के दौरान कुछ तकनीकी खराबियां भी सामने आईं। इसके बावजूद करीब एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में सफल रहा।

Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-

इलॉन मस्क की कंपनी ने बनाया रॉकेट

यह रॉकेट दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने तैयार किया है। स्टारशिप सिस्टम दो हिस्सों से मिलकर बना है। ऊपरी हिस्से को स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट और निचले हिस्से को सुपर हैवी बूस्टर कहा जाता है। दोनों को मिलाकर स्टारशिप नाम दिया गया है। इस विशाल रॉकेट की कुल ऊंचाई करीब 403 फीट है और इसे पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल करने योग्य बनाया गया है।

लॉन्च के बाद इंजन में आई खराबी

भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह हुए इस टेस्ट लॉन्च में शुरुआत अच्छी रही, लेकिन उड़ान के कुछ समय बाद इंजन में खराबी आ गई। रॉकेट के पहले हिस्से यानी सुपर हैवी बूस्टर का ‘बूस्ट बैक’ बर्न पूरा नहीं हो सका। यह प्रक्रिया बूस्टर को नियंत्रित तरीके से वापस लैंड कराने के लिए जरूरी होती है। तकनीकी समस्या के कारण बूस्टर पूरी तरह नियंत्रित तरीके से समुद्र में नहीं उतर पाया।

छह में सिर्फ पांच इंचन हुए चालू

बूस्टर से अलग होने के बाद मुख्य स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट को आगे बढ़ना था, लेकिन उसके छह इंजनों में से केवल पांच ही काम कर पाए। एक इंजन स्टार्ट नहीं होने के कारण स्पेसक्राफ्ट तय ऑर्बिटल पथ तक पूरी तरह नहीं पहुंच सका। हालांकि इसकी उड़ान सुरक्षित सीमा में बनी रही और यह सफलतापूर्वक सबऑर्बिटल फ्लाइट पूरी करने में कामयाब रहा। तकनीकी खराबी की वजह से स्पेसएक्स की टीम अंतरिक्ष में दोबारा इंजन चालू करने का परीक्षण नहीं कर पाई। यह इस मिशन के अहम उद्देश्यों में शामिल था। इसके बावजूद वैज्ञानिकों ने इसे एक महत्वपूर्ण और उपयोगी टेस्ट माना है।

क्या था इस टेस्ट का उद्देश्य

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च करना, उसे अंतरिक्ष में ऊपर तक ले जाना, स्टारशिप और बूस्टर को अलग करना और फिर इंजन को दोबारा चालू कर समुद्र में तय स्थान पर सुरक्षित लैंडिंग कराना था। कई तकनीकी चुनौतियों के बावजूद मिशन का बड़ा हिस्सा सफल रहा।

यह भी पढ़ें: नई सरकारों का नया अंदाज: तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग पहचान बनाने में जुटीं नई सरकार

Air Now के यूट्यूब चैनल को देखने के लिए यहां क्लिक करें:-

एयर नाउ स्पेशल

तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग...

न्यूज डेस्क: देश के कई राज्यों में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुद को अलग दिखाने की...
- Advertisement -spot_img
App Logo

Download Our App

Download Now ➥

ट्रेंडिंग खबर