रांची : झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू को पत्र लिखकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस से जुड़े कई विषयों और चार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनाव परिणाम के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस संगठन में कुछ सुधार किए जाने की ओर ध्यान दिलाया है.
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पार्टी में दोहरा मापदंड क्यों
सोशल मीडिया के जरिए लिखे गए अपने पत्र में वित्त मंत्री ने पिछले महीनों में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित किए जाने और प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष व रांची की पूर्व मेयर रमा खलको के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की ओर नेताओं के खिलाफ दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जाता है.
राधाकृष्ण किशोर ने पिछले दिनों झारखंड प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंध समिति को लेकर भी यह आपत्ति जताई है कि महज 81 सदस्यीय विधानसभा वाले प्रदेश में 314 सदस्यों वाली समिति का क्या औचित्य है. उन्होंने जंबो-जेट समिति की जगह प्रदेश नेतृत्व के बारे में पार्टी कोई फैसला ले तो ही कांग्रेस संगठन के मजबूती की कल्पना की जा सकती है।
मंत्री की ओर से लिखा गया पत्र
श्री के. राजू,
प्रभारी, झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस।
महाशय,
झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के एक आँख में सुरमा और दूसरे में काजल चरितार्थ हो गया है। कार्यकर्ता जानना चाहते हैं कि बड़कागांव क्षेत्र के कांग्रेसी स्तंभ पूर्व मंत्री श्री योगेन्द्र साव का क्या दोष था जिन्हें तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया गया। दूसरी ओर श्रीमती रमा खलको जिन्होंने आपको और कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से कोसा उसे पार्टी ने चुनाव प्रबंध समिति का सदस्य बना दिया गया।
सर, 81 सीट वाले झारखण्ड विधानसभा के लिए झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के कुल 314 सदस्यों की समिति कितना कारगर होगी ये समय बताएगा। देश में हुए चुनाव परिणाम से भी झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी को सीखने की आवश्यकता है। जंबो-जेट समिति की जगह यदि प्रदेश नेतृत्व के बारे में पार्टी कोई फैसला ले तो ही कांग्रेस संगठन के मजबूती की कल्पना की जा सकती है।


