रांची : फादर्स डे के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पिता केवल एक रिश्ता नहीं होते, बल्कि संघर्ष, साहस, संकल्प और संस्कार की वह जीवंत पाठशाला होते हैं, जहां जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान मिलता है। उन्होंने कहा कि बाबा ने उन्हें सिखाया कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है और अपने लोगों के अधिकारों के लिए हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहना ही सच्ची जनसेवा है।
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समाज को जीने की दिशा
हेमंत सोरेन ने अपने पिता के जीवन संघर्ष को याद करते हुए लिखा कि दिशोम गुरु शिवू सोरेन का पूरा जीवन झारखंड, आदिवासियों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित रहे। उन्हीं के संघर्ष, त्याग और विचारों की बदौलत उन्हें जनसेवा का रास्ता मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ने केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को जीने की दिशा दी।
तपती धूप में बरगद-सी छाया
पोस्ट की सबसे मार्मिक पंक्तियों में मुख्यमंत्री ने लिखा, “तपती धूप में बरगद-सी छाया हैं बाबा, संघर्ष की राह में अटूट हौसला हैं बाबा। हमारी सोच, हमारे संस्कार, हमारी पहचान हैं बाबा, एक पिता ही नहीं, पूरे समाज का स्वाभिमान हैं बाबा।”
कल्पना सोरेन ने ऐसे किया याद

सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी व दिवंगत दिशोम गुरू शिबू सोरेन की मंझली बहू और विधायक कल्पना सोरेन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कुछ तस्वीरों के साथ एक पोस्ट में लिखा, “एक पिता केवल परिवार के मुखिया नहीं होते, वे वह विश्वास होते हैं जो हर कठिन राह को आसान बना देता है। जीवन की हर चुनौती में उनका अनुभव और मार्गदर्शन हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। फादर्स डे के अवसर पर सभी पिताओं को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। आपका योगदान अनमोल है।”




