रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए चर्चित टेंडर घोटाला मामले में आरोपी इंजीनिइयर इन चीफ प्रमोद कुमार ने शनिवार को रांची की PMLA विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के तुरंत बाद अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
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अदालत में सरेंडर और जमानत
प्रमोद कुमार ने रांची स्थित PMLA की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। साथ ही, कोर्ट ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की शर्त भी लगाई है। सुनवाई के दौरान प्रमोद कुमार की ओर से अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने अदालत में उनका पक्ष रखा। बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।
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ED ने दाखिल किया पूरक आरोप पत्र
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में प्रमोद कुमार समेत 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में कई अहम तथ्यों और सबूतों को शामिल किया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर दिया है। इससे मामले में कानूनी प्रक्रिया और तेज हो गई है। टेंडर घोटाला मामले में ED की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

