उत्तराखंड: जोशीमठ में हुए ताजा Uttarakhand Helicopter Accident ने एक बार फिर राज्य में हवाई दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस हादसे के बाद केदारघाटी में हुए पुराने हेलीकॉप्टर क्रैश की यादें भी ताजा हो गई हैं. खासकर 15 जून 2025 को रुद्रप्रयाग जिले के गौरीमाई खर्क के पास हुआ हादसा, जिसमें केदारनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर में सवार सात लोगों की मौत हो गई थी.
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उत्तराखंड की पहाड़ियां जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही यहां उड़ान भरना मुश्किल भी है. पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल जाता है और कई बार कम विजिबिलिटी की वजह से पायलटों के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाना चुनौती बन जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों और कठिन रास्तों के कारण यहां हेली सेवाओं में ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है. केदारघाटी में पिछले 15 सालों में 13 हेलीकॉप्टर हादसे हो चुके हैं, जिनमें 41 लोगों की मौत हुई है. इन हादसों के बाद कई बार हेलीकॉप्टर सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठे हैं.
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Uttarakhand Helicopter Accident: पिछले साल केदारघाटी में हुआ था बड़ा हादसा
15 जून 2025 को रुद्रप्रयाग जिले के गौरीमाई खर्क के पास एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हुआ था. आर्यन कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ से यात्रियों को लेकर लौट रहा था. इसी दौरान गौरीमाई खर्क के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में पायलट समेत सात यात्रियों की मौत हो गई थी. यह दुर्घटना उत्तराखंड के सबसे दर्दनाक हेली हादसों में शामिल हो गई. इसके बाद शुक्रवार को जोशीमठ में हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश भी चर्चा में आ गया. बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ, जिसमें पायलट समेत छह लोग सवार थे. दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों के बेंगलुरू के होने की जानकारी सामने आई है.
Uttarakhand Helicopter Accident History: केदारघाटी में कब-कब हुए बड़े हादसे
केदारघाटी में हेलीकॉप्टर हादसों का सिलसिला नया नहीं है. 12 जून 2009 को केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी. इसके बाद 21 जून 2013 को जंगलचट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें पायलट की जान चली गई थी. साल 2013 उत्तराखंड के लिए हेली हादसों के लिहाज से बेहद खराब रहा. 25 जून 2013 को गौरीकुंड के पास एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में 21 जवानों की मौत हुई थी. वहीं 28 जून 2013 को केदारनाथ से करीब दो किलोमीटर आगे गरुड़चट्टी में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी.
Uttarakhand Helicopter Accident: 2016 से 2024 तक कई बार टली बड़ी दुर्घटनाएं
25 मई 2016 को गुप्तकाशी में उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा था, हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे. इसके बाद 3 अप्रैल 2018 को केदारनाथ में एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. इस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी. 13 मई 2019 को केदारनाथ में हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी.
18 अक्टूबर 2022 को केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा हेलीकॉप्टर गरुड़चट्टी के पास पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया था. इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी. 23 अप्रैल 2023 को केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के टेल रोटर की चपेट में आने से यूकाडा के वरिष्ठ वित्त नियंत्रक की मौत हो गई थी. 24 मई 2024 को हेलीपैड से करीब 100 मीटर आगे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, हालांकि सभी यात्री सुरक्षित रहे थे.
Uttarakhand Helicopter Accident: 2025 में भी सामने आए कई हेली हादसे
साल 2025 में भी Uttarakhand Helicopter Accident से जुड़ी कई घटनाएं सामने आईं. 17 मई 2025 को केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी, लेकिन इसमें कोई जनहानि नहीं हुई. इसके बाद 7 जून 2025 को बडासू हेलीपैड से उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था. राहत की बात रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन 15 जून 2025 को गौरीमाई खर्क के पास हुए हादसे ने सभी को झकझोर दिया. इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी.
Uttarakhand Helicopter Accident: पहाड़ों में हेलीकॉप्टर उड़ाना क्यों होता है मुश्किल
Uttarakhand Helicopter Accident: उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में हेलीकॉप्टर उड़ाना मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कठिन माना जाता है. यहां मौसम तेजी से बदलता है और ऊंचे पहाड़ों के बीच उड़ान के लिए बहुत सावधानी की जरूरत होती है. केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था, मौसम की निगरानी और तकनीकी जांच बेहद अहम हो जाती है. जोशीमठ का नया हेलीकॉप्टर हादसा एक बार फिर यही सवाल खड़ा करता है कि पहाड़ी इलाकों में हवाई सेवाओं को और सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.

