न्यूज डेस्क : प. बंगाल विधानसभा चुनाव दूसरे चरण के मतदान दौरान दक्षिण 24 परगना जिले के 144-फालता विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 29 अप्रैल को हुए मतदान को पूरी तरह से रद्द घोषित करते हुए पूरे विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है।
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काली टेप और मतदाताओं को डराने की पुष्टि
निर्वाचन आयोग द्वारा दो मई यानी शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, मतदान के दिन कई मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक दलों से शिकायतें मिली थीं कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की बैलेट यूनिट पर एक विशेष राजनीतिक दल के बटन के सामने काली टेप लगा दी गई थी। विशेष पर्यवेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी की विस्तृत रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि निर्वाचन क्षेत्र के 60 मतदान केंद्रों (कुल मतदान केंद्रों का 21%) में गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघन हुए।
जांच के दौरान कई मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग फुटेज या तो गायब मिली या जानबूझकर हटाई गई थी। कुछ स्थानों पर फुटेज में बाहरी व्यक्तियों और मतदान अधिकारियों को बार-बार वोटिंग कंपार्टमेंट में प्रवेश करते और मतदाताओं को प्रभावित करते देखा गया। रिटर्निंग ऑफिसर और जनरल ऑब्जर्वर पर भी जांच को सतही तरीके से करने का आरोप लगा है।
21 मई को होगा पुनर्मतदान
आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं 58 और 58A के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित नया कार्यक्रम निर्धारित किया है।
- पुनर्मतदान की तिथि: 21 मई, 2026 (गुरुवार)
- मतदान का समय: सुबह 07:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक
- मतगणना की तिथि: 24 मई, 2026 (रविवार)
चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ाकर अब 25 मई, 2026 कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।


