धनबाद : उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के न्यास परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
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बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने जिले के समग्र विकास का प्लान प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्वास्थ्य उपकेंद्र क्रियाशील हो। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना सुविधायुक्त भवन हो। ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की तर्ज पर धनबाद के 140 विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जबकि जहां पूरे राज्य में पहले चरण में 80 विद्यालय लिए गए थे, वहीं धनबाद में पहले ही 140 विद्यालयों की स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जा चुका है।
उपायुक्त ने कार्यपालक एजेंसियों और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि अक्सर जमीन संबंधी विवादों या स्थानीय अड़चनों के कारण निर्माण कार्य रुक जाता है या देरी होती है। विकास की गति को दोगुना करने के लिए फील्ड स्तर पर सभी का समन्वय आवश्यक है।
उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी योजना या निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो जनप्रतिनिधि तुरंत सूचित करें। प्रशासन किसी भी शिकायत पर 2 से 3 दिनों के भीतर जांच दल भेजकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। प्रशासन की मंशा पूरी तरह साफ है और जिले का चौमुखी विकास ही मुख्य उद्देश्य है।

वहीं उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया है। इन योजनाओं में डीएमएफटी मार्गदर्शिका के अनुरूप पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण, कौशल विकास आदि जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 70% और सड़क, ऊर्जा, भौतिक आधारभूत संरचना आदि के लिए 30% का संतुलन बनाए रखते हुए समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। शिक्षा प्रक्षेत्र का कायाकल्प करते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (सीएम एसओई) और पीएम-श्री की तर्ज पर जिले के 391 चयनित सरकारी विद्यालयों के संपूर्ण नवीनीकरण की योजना पर कार्य जारी है।
87 विद्यालयों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय एवं खेल सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है तथा 413 अन्य विद्यालयों में यह प्रस्तावित है। 1,558 सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को स्वच्छता और सम्मानजनक ढंग से मध्याह्न भोजन परोसने के लिए थाली एवं गिलास का वितरण किया गया है। जबकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालय रूपांतरण के उद्देश्य से 8 प्रखंडों के 2,863 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कई विद्यालय में नए भवन की स्वीकृति दी गई है।

डीएमएफटी मद से स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धनबाद के सदर अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण प्रणाली का पूर्ण आधुनिकीकरण किया गया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए अलग काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में आधुनिक आई-ओटी की स्थापना के बाद से अब तक 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न कराया गया है। पहली बार ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा भी प्रारंभ हुई है। अस्पताल में 12-बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट’ (एमएनसीयू) और 14 बेड क्षमता वाला मॉडल कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) संचालित किया जा रहा है, जहाँ गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का विशेषज्ञ इलाज हो रहा है। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवा बढ़ाया जा रहा है
इसके अलावा तोपचाँची में आधुनिक डायलिसिस यूनिट की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही जीवनरक्षक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ ‘सहिया दीदियों’ को सहिया किट एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 2 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें पाया कि 5000 बच्चों में कमियां है। ऐसे 1600 बच्चों का इलाज कराया गया। साथ ही कई स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। पानी सप्लाई के क्षेत्र में कार्य किए का रहे है।
उन्होंने बताया कि निर्बाध पेयजल एवं वृहद जल बिजली और पानी सप्लाई के क्षेत्र में भी कार्य हो रहे हैंसंरक्षण के लिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए अब तक 7,901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण, 2,405 रॉटर राइजर पाइप, 97 उच्च क्षमता ट्यूबवेल तथा 566 विशेष मरम्मती कार्य पूर्ण किए गए हैं। वहीं महुदा बस्ती, पंचेत, मैथन, तेलमच्चो एवं नॉर्थ ज़ोन जलापूर्ति योजनाओं के सुदृढ़ीकरण से लाखों की आबादी को पाइप जलापूर्ति से जोड़ा जा रहा है। गिरते भूजल स्तर के सुधार और सिंचाई के लिए 793 तालाब योजनाओं में से 205 को स्वीकृति देकर जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। जबकि 588 तालाब प्रक्रियाधीन है।
बाघमारा के दमली/इमली तालाब, तोपचाँची के मोर्हदिह बांध, गोविंदपुर के बड़ा नवाटांड़ व टुंडी के कृषक पाठशाला तालाब का जीर्णोद्धार कर जल-संवर्धन सुनिश्चित किया गया है। जबकि तोपचाँची के नेरो पंचायत में 150 फीट गहरी खदान की खाई से सोलर-आधारित लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे 40 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
विधायक मथुरा प्रसाद महतो कहा कि जिला प्रशासन ने सभी पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार करके नई पहचान दिलाई है। विधायक धनबाद राज सिन्हा ने सेंट्रल लाइब्रेरी को स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने, दामोदरपुर में नगर वन विकसित करने, कपालघाट श्मशान में सुविधाएं बढ़ाने एवं नगर निगम की योजनाओं को धरातल पर उतारने का अनुरोध किया।
विधायक निरसा अरूप चटर्जी ने डीएमएफटी मद से आवास योजना को बढ़ावा देने, हर प्रखंड में वृहद ट्रेनिंग सेंटर बनाने, छोटी-छोटी नाली निर्माण के स्थान पर समग्र रूप से अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम बनाने, पीएचईडी के कार्यों में जिले के संवेदकों को प्राथमिकता देने, तोपचांची, मैथन एवं पंचेत में इको टूरिज्म पार्क विकसित करने तथा मोबाइल हेल्थ केयर एंबुलेंस प्रदान करने का अनुरोध किया। विधायक सिंदरी श्री चंद्रदेव महतो ने गोविंदपुर स्थित लाइब्रेरी में कंप्यूटर एवं किताब प्रदान करने, चांदवा स्कूल को तैयार किए गए नए परिसर में शिफ्ट करने, पांडे बरवा स्कूल को एनएच के दूसरी ओर शिफ्ट नहीं करने का अनुरोध किया। बैठक के दौरान माननीय मुखियाओं ने भी अपने-अपने सुझाव साझा किए।

