नई दिल्ली : झारखंड राज्य गठन आंदोलन के महानायक, आदिवासी समाज की आवाज और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिवंगत शिबू सोरेन को मंगलवार को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन करते हुए यह सम्मान प्रदान किया।
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पीएम, गृह मंत्री व कल्पना सोरेन मौजूद
दिशोम गुरु की ओर से उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी रादाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्रीय कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री समेत दिवंगत दिशोम गुरू की पुत्रवधू व विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। सम्मान ग्रहण करते समय का दृश्य भावनाओं से भर देने वाला था और उपस्थित जनों ने शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन तथा जनसेवा को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
गणतंत्र दिवस पर हुआ था ऐलान
केंद्र सरकार ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उनके नाम की घोषणा की थी। लोककल्याण, सामाजिक न्याय और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के सम्मानस्वरूप उन्हें यह प्रतिष्ठित अलंकरण प्रदान किया गया। शिबू सोरेन ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में झारखंड अलग राज्य आंदोलन को नई दिशा दी और आदिवासियों, गरीबों तथा वंचितों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।




