रांची : जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। बुधवार को राजधानी रांची के फिरायालाल चौक पर राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों छात्र पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इससे पहले कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रांची समेत आसपास के कई जिलों से आए हजारों अभ्यर्थियों व छात्रों ने आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
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पोस्टर, बैनर और तख्तियां के साथ संविधान
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं के हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर सरकार और परीक्षा एजेंसियों की नीतियों के खिलाफ कई नारे लिखे थे. अभ्यर्थियों ने “JPSC छात्रों के साथ खिलवाड़ करना बंद करो”, “उत्पाद सिपाही भर्ती में सेटिंग-गेटिंग बंद करो”, “JPSC-JSSC पर जवाबदेही तय करो”, “JPSC सीट का दाम बताओ, हम पैसा जुगाड़ कर रहे हैं” जैसे नारों के माध्यम से परीक्षा में हो रही धांधलियों को लेकर अपनी नाराजगी जताई. इस दौरान कई छात्रों के हाथों में भगवान बिरसा मुंडा के पोस्टर और भारत का संविधान भी नजर आया.
संविधान के दायरे में प्रदर्शन
छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शांतिपूर्ण तरीके से फिरायालाल चौक तक संविधान यात्रा निकाली. इस दौरान छात्रों ने कहा कि देश और राज्य संविधान के अनुसार चलते हैं. वे संविधान की मर्यादा में रहकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और इसी संविधान के बल पर सरकार से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे. छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं। उनका कहना था कि लंबे समय से विभिन्न समस्याओं के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने दी चेतावनी
छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को रांची का “जंतर-मंतर” बनाने का ऐलान करते हुए स्टेडियम परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की घोषणा की.


