Tuesday, July 21, 2026

JSSC CGL पेपर लीक केस पर हाईकोर्ट में दो घंटे तक बहस, अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को

झारखंड : Jharkhand High Court में Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) पेपर लीक मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में लगभग दो घंटे तक गहन बहस चली। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 29 अक्टूबर तय की है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से जांच को Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने की मांग की गई है। वहीं JSSC और राज्य सरकार ने पेपर लीक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

कोर्ट में सभी पक्षों की दलीलें

JSSC की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार का पेपर लीक नहीं हुआ है। उनका कहना था कि यह पूरा मामला कुछ कोचिंग माफियाओं की साजिश है, जो नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रकार और JSSC की ओर से अधिवक्ता संजॉय पिपरवाल ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आयोग ने परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई थी और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट से मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो, इसलिए इसे CBI को सौंपा जाए। उनका कहना था कि परीक्षा से पहले ही कई प्रश्नपत्रों के लीक होने की जानकारी सोशल मीडिया और कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स में सामने आई थी।

अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को, रिजल्ट पर रोक जारी

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तिथि 29 अक्टूबर तय की है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई तक परीक्षा के रिजल्ट के प्रकाशन पर लगी रोक (स्टे) को जारी रखा है। इस रोक के कारण चयन प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है। आयोग रिजल्ट जारी नहीं कर सकेगा जब तक कि अदालत से कोई अगला आदेश नहीं आता।

कोचिंग माफियाओं पर शक

JSSC के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि परीक्षा में कोई तकनीकी या प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थान इस नियुक्ति प्रक्रिया को रोकना चाहते हैं ताकि आगे की भर्ती अटक जाए। उनका कहना था कि कोचिंग माफियाओं ने छात्रों के बीच भ्रम फैलाने और विवाद पैदा करने की कोशिश की है, ताकि भर्ती प्रक्रिया में बाधा आए।

मामले की पृष्ठभूमि

CGL परीक्षा झारखंड में बड़ी संख्या में युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बड़ा अवसर माना जाता है। इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ कोचिंग संस्थानों के माध्यम से यह आरोप लगाया गया कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ है और कुछ उम्मीदवारों को पहले से ही पेपर उपलब्ध कराया गया था। इन आरोपों के बाद कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें जांच CBI से कराने की मांग की गई।

छात्रों में नाराजगी

पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद राज्यभर में अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी गई। कई जगह छात्रों ने प्रदर्शन भी किया और पारदर्शी जांच की मांग की। छात्रों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से परीक्षा दी, लेकिन अगर पेपर लीक हुआ तो यह मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।

क्या है आगे की प्रक्रिया?

  • 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी।
  • तब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जा सकेगा।
  • कोर्ट यह तय करेगा कि जांच राज्य एजेंसियों से होगी या CBI को सौंपी जाएगी।
  • सुनवाई में स्थिति साफ होने के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया पर आगे का फैसला होगा।

पेपर लीक मामले ने राज्य में भर्ती प्रक्रिया को ठप कर दिया है। अभ्यर्थी पारदर्शी जांच और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि जांच CBI करेगी या राज्य की कोई एजेंसी

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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