झारखंड : बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Montha) की रफ्तार झारखंड समेत कई इलाकों में अब धीमी पड़ गई है, हालांकि इसका असर अभी भी देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान अब डिप्रेशन के रूप में बदल गया है, लेकिन इसके अवशेष से अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 2 नवंबर रविवार तक कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान भले ही कमजोर हो गया हो, लेकिन इसके बादल और अवशेष अभी भी कई इलाकों में सक्रिय हैं। इस वजह से अगले कुछ दिनों तक पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत में भारी बारिश जारी रह सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों से सावधानी बरतने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट पर नजर रखने की अपील की गई है।
बिहार के कई जिलों में मोंथा के असर के कारण हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. पटना, गया, नालंदा, दरभंगा, औरंगाबाद और भागलपुर में अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. वज्रपात की घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को खेतों या खुले मैदानों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है. किसानों को भी अपनी फसलों को सुरक्षित रखने को कहा गया है.
Also Read : महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जेमिमा की आँखें हुई नम, जीत के बाद डिप्रेशन की बात कही
इसी तरह झारखंड में भी अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे, तो वहीं बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और गिरिडीह में बादल के छाए रहने और तेज हवाएं के चलने की संभावना है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है.
तेलंगाना में मोंथा के प्रभाव से कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना अभी भी बनी हुई है। हैदराबाद, करीमनगर, निजामाबाद और वारंगल जिलों में बारिश के कारण जनजीवन के प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है. प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने और लोगों को खुले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।
इसी तरह ओडिशा में चक्रवात के असर से तटीय और अंदरूनी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पुरी, गंजाम, जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा और बालासोर जैसे जिलों में समुद्र के किनारे तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय मछुआरों को अगले 48 घंटे तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखा है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में अगले दो दिनों तक भारी वर्षा और आंधी चलने की संभावना है। तो वहीं केरल के तटीय इलाकों में भारी वर्षा की आशंका के मद्देनजर तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों में अलर्ट जारी किया गया है और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। कर्नाटक के तटीय भागों, खासकर उडुपी, मंगलुरु और कारवार में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों (दार्जीलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी) में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।


